गड़बड़ा गया है प्रकृति का पारंपरिक चक्र*सुप्रीम कोर्ट ने बीच का रास्ता निकाल दिया*भारत-चीन के बीच जंग असंभव*चेन्नई की घटना से सबक ले समाज*फिर बनाने होंगे 1953 जैसे हालात*सीबीआई जया के खिलाफ पहुंची सुप्रीम कोर्ट*पॉल हॉलीवुड वॉक ऑफ द फेम से सम्मान*शाहरूख से मिलने के लिए बेताब प्रशंसक*सबसे शक्तिशाली लेजर केंद्र बनाएगा रूस*पेरू में बाढ़ से 14 मरे, 22 प्रांतों में परिवहन ठप*
सीबीआई जया के खिलाफ पहुंची सुप्रीम कोर्ट
अभी तक भारत के लिए रहस्य बना है एडिलेड
ओडिशा में नक्सली हमला, BSF के चार अधिकारी शहीद
मंत्री ने अपने क्षेत्र में बंद कराई बिजली, रोका अखबार
मुख्यपृष्ठ राष्ट्रीय विश्व शहर  व्यापार खेल मनोरंजन शिक्षा सम्पादकीय क्लासिफाइड Appointment पत्रिकाएँ आज का पंचांग
भारत को कडा ऐतराज
On 9/3/2010 9:02:51 PM

Change font size:A | A

Print

E-mail

Comments

Rating

Bookmark

बीजिंग/नई दिल्ली। भारत ने चीन को पाक अधिकृत कश्मीर में चीनी उपस्थिति और उसकी गतिविधियों पर अपनी चिंता से शुक्रवार को अवगत कराया। भारत का यह कदम पाक अधिकृत कश्मीर के गिलगित बाल्टिस्तान क्षेत्र में चीन के करीब 11000 सैनिकों की उपस्थिति की रिपोर्टों के बाद आया। भारतीय दूतावास के अधिकारियों के अनुसार चीन में भारत के राजदूत एस. जयशंकर ने विदेश उपमंत्री झांग झीजुन से शुक्रवार को मुलाकात कर उन्ह चीनी गतिविधि और उपस्थिति पर भारत की चिंता से अवगत कराया।

चीन मानने को तैयार नहीं

जयशंकर ने क्षेत्र में जनमुक्ति सेना के सैनिकों की उपस्थिति पर भी भारत की चिंताओं से चीन को अवगत कराया। बहरहाल, चीन ने उत्तरी कश्मीर के गिलगित क्षेत्र में अपने सैनिकों की उपस्थिति की रिपोर्टों को गुरुवार को खारिज कर दिया था। जयशंकर ने चीन-भारत संबंधों से जुडे अन्य मुद्दों पर भी चीनी नेता के साथ चर्चा की। बैठक में भारतीय राजदूत ने हाल की मीडिया रिपोर्टों का जिक्र किया और प्रत्यक्षतः यह जिक्र न्यूयार्क टाइम्स की हाल की रिपोर्ट का था जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान इलाके में 7,000 से 11,000 चीनी सैनिकों की उपस्थिति की चर्चा की गई थी। भारत ने इसपर चिंता जताते हुए कहा था कि वह रिपोर्टों की जांच कर रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि चीनी पक्ष ने भारतीय राजदूत से कहा कि चीनी गिलगित इलाके म हाल के बाढ से पीडितों को मदद देने के लिए थे। उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के लिए अनेक मुद्दों पर भी चर्चा की। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियांग यू ने गुरुवार को यह कहते हुए इस रिपोर्ट से इनकार किया था कि यह पाकिस्तान और भारत के साथ चीन के रिश्तों को बिगाडने पर लक्षित मनगढंत कहानी है। इससे पहले चीन में पाकिस्तान के राजदूत मसूद खान ने भी इस रिपोर्ट से इनकार किया था और कहा था कि इलाके में हाल की बाढ से पीडितों की मदद के लिए बस चीनी मानवीय सहायता दल है।

जियांग ने गुरुवार को अपनी प्रेस ब्रीफिंग में कहा था कि भारतीय नियंत्रण वाले कश्मीर क्षेत्र के निवासियों के प्रति हमारी वीजा नीति के संदर्भ में हमारी नीति सुसंगत है और वह अपरिवर्तित है।

चीन और पडोसियों के बीच अमेरिका बो रहा मतभेद के बीजःचीन

गिलगित में अपनी सेना की मौजूदगी की खबरों को चीन की ओर से खारिज किए जाने के बीच एक अग्रणी चीनी विशेषज्ञ ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह बीजिंग और पडोसियों के बीच मतभेद के बीज बोने की कोशिश कर रहा है। पेकिंग यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में एसोसिएट प्रोफेसर हान हुआ का कहना है कि अमेरिका पिछले कई महीनों से चीन को परेशान कर रहा है, चाहे वह पाकिस्तान को परमाणु रिएक्टरों की आपूर्ति का मामला हो या फिर बीजिंग की बाढ सहायता।

दो मुद्दे शीर्ष पर

उन्होंने कहा कि पिछले साल जनवरी में सत्ता में आने के बाद ओबामा ने अपने नीति एजेंडे में दो मुद्दों को शीर्ष पर रखा है, जिनमें इराक से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और उभरती हुई शक्तियों खासकर चीन से निपटना शामिल है। हान ने कहा कि लेकिन यह समझना मुश्किल है कि अमेरिका क्यों चीन और पडोसियों के बीच खाई पैदा करने के बीज बो रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पिछले कई महीनों से चीन पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उंगली उठाता रहा है। खासकर चीन और इसके पडोसियों के बीच संबंधों के मुद्दों पर। विशेषज्ञ ने कहा कि पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ ने अमेरिका को चीन पर उंगली उठाने का एक और मौका दे दिया है। उन्होंने यह बात संभवतः विशेष अमेरिकी रिचर्ड होलब्रुक की टिप्पणियों के संदर्भ में कही जिन्होंने कहा था कि चीन को अपनी सहायता बढानी चाहिए। पाकिस्तान में बाढ से हुई तबाही को लेकर चीन सबसे पहले मदद करने वाले देशों में से एक था।

फिर भी अमेरिका ने कई मौकों पर बीजिंग के योगदान पर असंतोष व्यक्त किया है। चीन के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता जियांग यू ने गिलगित-बाल्टिस्तान में चीनी सैनिकों की मौजूदगी से इंकार करते हुए कल कहा था कि मनगढंत कहानियां गढने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पाकिस्तान और भारत के साथ चीन के संबंध खराब किए जा सकें।

Post Comments
More News
पेरू में बाढ़ से 14 मरे, 22 ...
चीन के अधिकारी ने अमेरिकी वा...
सबसे शक्तिशाली लेजर केंद्र ब...
शाहरूख से मिलने के लिए बेताब...
पॉल हॉलीवुड वॉक ऑफ द फेम से ...
चीन में राजस्थानी कलाकार दें...
मैडोना को कोर्ट में घसीटने क...
खतरे में हैं विश्व के सबसे ब...
समय से पूर्व जन्मे 18 बच्चों...
हिंसा रोकने रक्षामंत्री नियु...
नाशीद के खिलाफ गिरफ्तारी का ...
ड्रोन हमले में मारा गया पाक ...
चीनी व्यापारियों पर दर्ज होग...
दुनया टीवी के मालिक पर हत्या...
महान हस्तियों के पत्र चुराए...
अवमानना मामले में समन के खिल...
धरोहर स्थल बना पुश्तैनी घर...
इराक ने एक दिन में 14 को दी ...
बंदूक की नोक पर किया गया मजब...
 सम्पर्क करें  विज्ञापन दरें आपके सुझाव संस्थान
© Copyright of Rajexpess 2009,all right reserved.
Developed & Designed By: