अधिकारियों ने बताया कि चीनी पक्ष ने भारतीय राजदूत से कहा कि चीनी गिलगित इलाके म हाल के बाढ से पीडितों को मदद देने के लिए थे। उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के लिए अनेक मुद्दों पर भी चर्चा की। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियांग यू ने गुरुवार को यह कहते हुए इस रिपोर्ट से इनकार किया था कि यह पाकिस्तान और भारत के साथ चीन के रिश्तों को बिगाडने पर लक्षित मनगढंत कहानी है। इससे पहले चीन में पाकिस्तान के राजदूत मसूद खान ने भी इस रिपोर्ट से इनकार किया था और कहा था कि इलाके में हाल की बाढ से पीडितों की मदद के लिए बस चीनी मानवीय सहायता दल है।
जियांग ने गुरुवार को अपनी प्रेस ब्रीफिंग में कहा था कि भारतीय नियंत्रण वाले कश्मीर क्षेत्र के निवासियों के प्रति हमारी वीजा नीति के संदर्भ में हमारी नीति सुसंगत है और वह अपरिवर्तित है।
चीन और पडोसियों के बीच अमेरिका बो रहा मतभेद के बीजःचीन
गिलगित में अपनी सेना की मौजूदगी की खबरों को चीन की ओर से खारिज किए जाने के बीच एक अग्रणी चीनी विशेषज्ञ ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह बीजिंग और पडोसियों के बीच मतभेद के बीज बोने की कोशिश कर रहा है। पेकिंग यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में एसोसिएट प्रोफेसर हान हुआ का कहना है कि अमेरिका पिछले कई महीनों से चीन को परेशान कर रहा है