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टोक्यो। जापान ने ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम से नाराज अमेरिका और यूरोपीय संघ के दबाव में शुक्रवार को उस पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशितो सेंगोको ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हमनें ईरान पर परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए दबाव बनाने और उसे परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए ये कदम उठाए हैं। हमारे ईरान के साथ काफी करीबी संबंध रहे हैं और इस मसले पर भी हम काफी धैर्य के साथ उसे शांतिपूर्ण और कूटनीतिक समाधान के लिए बढावा दे रहे हैं। जापान इस प्रतिबंध के तहत ईरान के उन 15 बैंकों के साथ कारोबारी संबंध समाप्त कर लेगा जिनके संबंध किसी भी रूप में परमाणु कार्यक्रम के साथ रहे हैं।
इसके अलावा वह ऊर्जा क्षेत्र में ईरान में प्रस्तावित निवेश पर भी रोक लगाएगा। हालांकि जापान ने ईरान से पेट्रोलियम पदार्थों के आयात पर रोक नहीं लगाई है। जापान में कच्चे तेल के आपूर्तिकर्ताओं में सऊदी अरब , संयुक्त अरब अमीरात और कतर के बाद इरान चौथा सबसे बडा देश है और देश में कुल आयातित कच्चे तेल का 10 फीसदी यहां से आता है। जापान ने ईरान से अपील की है कि वह परमाणु कार्यक्रम को स्थगित करके वार्ता की ओर लौटे। ज्ञातव्य है कि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों को आशंका है कि ईरान परमाणु बम बनाने की तैयारी कर रहा है, जबकि ईरान इन आरोपों को खारिज कर चुका है। |