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नई दिल्ली । सीबीएसई ने अपने सभी स्कूलों के नाम सर्कुलर जारी कर कहा है कि कक्षा में टीचिंग को इन्फॉर्मेशन ऐंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) से जोडा जाए। सीबीएसई के मुताबिक स्कूल एजुकेशन में आईसीटी को बढावा देने के लिए प्लानिंग की गई है। आईसीटी को बडे स्तर पर लागू करने वाले स्कूलों को प्रोत्साहित किया जाएगा, इसके अलावा बोर्ड सीनियर सेकंडरी लेवल पर आईसीटी से जुडे इलेक्टिव सब्जेक्ट को भी शुरू कर रहा है। 2010-2020 के दौरान आईसीटी टूल्स एंड टेक्नोलॉजी को स्कूल लेवल पर लागू कराना सरकार की पॉलिसी में भी शामिल है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में मिलेगा लाभ
सर्कुलर में कहा गया है कि सीसीई स्कीम में स्कूलों के पास काफी ऑप्शन हैं , जहां पर वे आईसीटी का प्रयोग कर सकते हैं। इससे क्लासरूम टीचिंग का माहौल भी बदल जाएगा। ऑनलाइन क्विज का आयोजन किया जा सकता है, इससे विद्यार्थियों को स्कूल लेवल पर ही कॉम्पिटिटिव एग्जाम का अनुभव भी मिल सकेगा।
सिर्फ किताब सहारा नहीं
क्वालिटी टीचिंग के लिए आईसीटी बहुत बडी भूमिका निभा सकती है। बॉयोकेमिस्ट्री , बॉयोइंफोर्मेटिक्स, एनवायरनमेंटल साइंस, फॉरेंसिक साइंस, नैनो टेक्नोलॉजी जैसे सब्जेक्ट का टीचिंग प्रोसेस सिर्फ किताबों पर ही निर्भर नहीं रह सकता, बल्कि स्टूडेंट्स को डिजिटल टेक्नोलॉजी के जरिये भी समझाना होगा, तभी विद्यार्थी बेहतर तरीके से विषय को समझ पाएंगे। |