भोपाल । प्रदेश में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप दिनों-दिन बढता जा रहा है। शनिवार को स्वाइन फ्लू से भोपाल में जहां 2 लोगों और जबलपुर में 1 महिला की मौत हो गई, वहीं बालाघाट में डेंगू ने एक किशोरी तथा डायरिया ने छतरपुर में दो बालिकाओं को मौत की नींद सुला दिया। प्रदेश में स्वाइन फ्लू से मौत का आंकडा अब 33पर पहुंच गया है। स्वाइन फ्लू का पूरे प्रदेश में कहर बढता जा रहा है। भोपाल में 12 और इंदौर में 13 मौतें हो चुकी हैं। जबकि 22 मरीजों की हालत चिंता जनक बनी हुई है।
सर्वाधिक सैम्पल भोपाल सेः अब तक स्वाइन फ्लू के सबसे अधिक 138 सैम्पल भोपाल से ही जबलपुर लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। जिनमें 44 मरीजों की रिपोर्ट पाजीटिव आई है। शनिवार को भी 17 सैम्पल विभिन्न अस्पतालों से लिए गए और 7 की रिपोर्ट पाजीटिव आई है।
स्वस्थ होने के बाद चल बसीः हमीदिया अस्पताल में भर्ती स्वाइन फ्लू की मरीज अंजना शर्मा (उदयपुरा) की भी शनिवार को मौत हो गई। पिछले दिनों अंजना स्वस्थ हो गई थी। इसका निमोनिया का इलाज चल रहा था। शनिवार को इस महिला ने भी दम तोड दिया।
बालाघाट में डेंगू से छात्रा की मौत
बालाघाट जिले में संक्रामक बीमारियों के साथ-साथ डेंगू की दस्तक भी हो चुकी है। किरनापुर क्षेत्र के मानेगांव निवासी कक्षा सातवी की छात्रा 13वर्षीय शिवानी की डेंगू से मौत हो गई। इधर छतरपुर जिले के बडामलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम रामटौरिया में खुमान सिंह राजपूत की 9 वर्षीय बेटी रेखा, 7 वर्षीय प्रियंका और 4 वर्षीय साधना डायरिया की शिकार हो गईं। जिससे रेखा और प्रियंका की मृत्यु हो गई और साधना की हालत बिगड गई। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात कर दी गई ह।
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