लखनऊ। यूपी सरकार ने शनिवार को राज्य के सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के अनुरूप वेतनमान देने का निर्णय लिया, जिससे राज्य के लगभग तीन लाख कर्मचारी लाभान्वित होगे। मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उक्त आशय का निर्णय लिया गया,जिसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार की भांति 5200-20200 रुपए वेतन बैंड तथा 1800 रुपए का ग्रेड पे देने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के लगभग तीन लाख चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उच्च वेतन बैण्ड का लाभ मिलेगा, जिस पर लगभग 350 करोड रुपए का वार्षिक व्यय प्रदेश सरकार पर पडेगा।
बाबा साहब और कांशीराम के नाम से पुरस्कार
उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार अब महापुरुषों के नाम पर पार्क और स्मारकों का निर्माण करा रही थी। वहीं उसने पुरस्कार योजनाओं का नामकरण बाबा साहब डा.भीमराव अंबेडकर एवं कांशीराम के नाम पर किए जाने का निर्णय लिया है। लघु उद्यमी प्रादेशिक पुरस्कार योजना अब ‘बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर लघु उद्यमी प्रादेशिक पुरस्कार योजना’, विशिष्ट हस्त शिल्पियों को दिए जाने वाला प्रादेशिक पुरस्कार योजना भी अब ‘अब बाबा साहेब डा.भीमराव अंबेडकर विशिष्ट हस्तशिल्पी प्रादेशिक पुरस्कार योजना’ के नाम से होगी। इसी प्रकार, निर्यात पुरस्कार योजना का नाम ‘मान्यवर कांशीराम निर्यात पुरस्कार योजना’ कर दिया गया है।
ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य है। प्रदेश के लघु उद्योग पुरस्कार, हस्तशिल्पियों को हस्तशिल्प पुरस्कार एवं निर्यातकों को निर्यात पुरस्कार दिए जाने की योजना विद्यमान है। राज्य सरकार ने इन पुरस्कारों को बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर तथा मान्यवर कांशीराम की स्मृति स्वरुप इनके नाम पर संचालित करने का फैसला किया है।
दैवेभो कर्मचारी अब होंगे स्थायी
मायावती ने 1991से पहले प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागो में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी और अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 27 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे। स्थानीय निकाय, आवास विकास परिषद तथा अन्य विभागों में 1991से पहले भर्ती हुए दैवेभो तथा अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी किए जाने का निर्णय लिया गया है |