न्यूयॉर्क। अब तक आप खटमल से बहुत नफरत करते होंगे। कभी मौका मिला होगा तो उसने आपका खून भी चूस लिया होगा। अहसास होने पर आप झल्लाए भी होंगे,लेकिन इस पर यूं नाराज मत होइए। खटमल में कुछ अच्छाइयां भी हो सकती हैं। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’की वेबसाइट पर छपे एक लेख के मुताबिक,हाल तक अमेरिकी सरकार के रिसर्च अजेंडे में इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था।
इस पर ज्यादातर रिसर्च पेस्टिसाइड इंडस्ट्री करा रही थी, जो इसे मारने के उपाय खोज रही थी। साउथ अफ्रीका में रिसर्चरों ने एड्स वायरस वाला खून खटमल को पिलाया, लेकिन वायरस मर गया। इतना ही नहीं, प्रयोगों से साबित हुआ कि खटमल अपने अंदर ‘हेपटाइटिस बी’ के वायरस हफ्तों रख सकता है। ऐसे ही एक खटमल ने चिंपैंजी को काटा तो उसे इन्फेक्शन नहीं हुआ। गौरतलब है कि खटमल को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में रहस्य कायम है। कुछ ही कीटविज्ञानी इसके बारे में जानकारी रखते हैं।
खतरे भी कम नहीं होटल, दुकानें बंद
न्यूयार्क। खटमल कितनी बडी समस्या बन गए हैं। इसकी चेतावनी दी है विशेषज्ञों ने हाल में हुए एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि खटमलों की समस्या हर दिन बढती जा रही है। एनपीएमए की उपाध्यक्ष मिस्सी हेनरिक्सन का कहना है कि विश्वस्तर पर किए गए इस शोध से पता चला है कि न केवल अमेरिका में,बल्कि पूरी दुनिया में हम खटमलों की महामारी की कगार पर खडे हैं। ब्रिटेन के कुछ होटलों में तो खटमल हटाने के लिए स्निफर कुत्तों का इस्तेमाल किया गया है। खटमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित न्यूयॉर्क है, जहां कई दफ्तरों, सिनेमाघरों और दुकानों को बंद करना पडा है। इसमें महंगे अंडरवियरों की जानी मानी दुकानों की चेन विक्टोरियाज सिक्रेट भी शामिल है।
जहां तक विनाशकारी कीटों की बात है तो खटमल विकसित देशों में कई सालों में अबतक की सबसे बडी समस्या बन गए है। अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ केंटकी के प्रोफेसर माइक पॉटर के लिए ये एक भीषण समस्या बनी हुई है। पिछले महीने अमेरिका की पर्यावरण सुरक्षा संस्था ने खटमलों के भयानक पुनरुत्थान की चेतावनी दी थी। |