ग्वालियर। परिवहन विभाग एवं प्रशासन की उदासीनता के चलते ग्वालियर शहर पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर की सडकों पर सैकडों की तादात में अवैध टैम्पो,ऑटो एवं अन्य सवारी वाहन दौड रहे हैं। जिससे न सिर्फ शहर की रफ्तार धीमी हो गई है, बल्कि हर रोज सडकों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
शहर के क्षेत्रफल एवं सडकों की तुलना में सवारी वाहनों की तादात लगातार बढती जा रही है। एक-एक रूट पर इतने अधिक वाहनों के परमिट दे दिए गए हैं, सडकों पर वाहन ही दिखाई देते हैं। बची हुई कसर अवैध सवारी वाहन पूरी कर देते हैं। शहर एवं बाहरी इलाकों में निर्धारित सीमा से अधिक टैम्पो एवं ऑटो दौड रहे हैं। परिवहन विभाग ने शहरी एवं बाहरी क्षेत्रों के लिए 1034 टैम्पो के रजिस्टर्ड किए हैं। जबकि विभाग में 5500 ऑटो रजिस्टर्ड हैं। शहर एवं बाहरी इलाकों में रजिस्टर्ड संख्या से अधिक टैम्पो बेधडक सडकों पर दौड रहे हैं। इनकी न तो रजिस्ट्रेशन कराया गया और न ही आरटीओ विभाग से अनुमति ली गई। इन अवैध वाहनों पर लगाम कसने में प्रशासन पूरी तरह फेल हो गया है। बेलगाम दौडते इन वाहनों से आए दिन सकडें जाम हो जाती है।
कम होती है कार्रवाईः शहर एवं बाहरी क्षेत्रों में बिना रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से चल रहे सवारी वाहनों पर लगाम कसने के लिए परिवहन विभाग एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नहीं है। दोनों विभाग की नाम पर यह वाहन धडल्ले से बेलगाम दौड रहे हैं। जब कभी इनके धरपकड की कार्रवाई की जाती है तो कई सवारी वाहन अवैध रूप से चलते हुए पकडे गए। उस समय तो उन पर कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन यह कार्रवाई लगातार नहीं होती।
संख्या तय नहीं
शहर के क्षेत्रफल को देखते हुए टैम्पो की संख्या निर्धारित की गई है। निर्धारित सीमा से अधिक टैम्पो शहर एवं बाहरी क्षेत्रों में चल नहीं सकते। लेकिन ऑटो की संख्या निर्धारित नहीं की गई है। आरटीओ विभाग द्वारा उनकी सीमा तय नहीं की गई है कि शहर में कितने ऑटों चलने चाहिए। |