ग्वालियर। जिन जनमित्र समाधान केन्द्रों के प्रारंभ को लेकर जल विहार स्थित नगर निगम की परिषद से शहर की सडकों तक पर विरोध प्रदर्शन किया गया वह शुक्रवार को परिषद में कुछ संशोधनों के साथ स्वीकृत कर दिए गए। इसके साथ ही जनमित्र समाधान केन्द्रों के शुरू होने पर फैला अंधेरा भी दूर हो गया। परिषद में दो क्षेत्रों में सातों दिन-चौबीस घंटे पानी देने को लेकर हुई चर्चा बेनतीजा आगे खिसक गई। कार्यवाहक सभापति ने बिना परिषद की सहमति लिए ही परिषद की अगली तारीख की घोषणा कर दी। कुछ पार्षदों की जुबान भी शनिवार की बैठक में फिसली जिससे परिषद में शर्मिंदगी का माहौल बना। शहर में 6 सितम्बर से प्रारंभ होने जा रहे 14 जनमित्र समाधान केन्द्रों के प्रारंभ करने को लेकर परिषद में शनिवार को एजेंडे के बिंदु क्रमांक एक के तहत चर्चा प्रारंभ करवाई गई। चर्चा प्रारंभ होते ही कांग्रेस की पार्षद केशकली जाटव ने मुरार स्थित कबीर आश्रम में खोले जा रहे जनमित्र समाधान केन्द्र का विरोध किया। उनका कहना था कि यह दलितों की जमीन है इसलिए यह केन्द्र यहां नहीं खोला जाना चाहिए। पुरुषोत्तम भार्गव का कहना था कि शहर योजनाओं के प्रयोग का स्थल बनता जा रहा है। क्योंकि येाजनाएं पहले बना ली जाती हैं परिषद को बाद में बताया जाता है।
नेता प्रतिपक्ष शम्मी शर्मा व पार्षद आनंद शर्मा का कहना था कि इन केन्द्रों को खोले जाने का पत्र राज्य शासन से आया है क्या? उनकी यह भी मांग थी कि केन्द्रों का नाम बदलकर जनसेवा केन्द्र कर दिया जाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्तमान में विभाग की जो कार्यप्रणाली है पहले उसे ही सही कर लिया जाए,क्योंकि विपक्ष को आशंका है कि कहीं इन केन्द्रों का हश्र भी पहले तैयार की गई अन्य योजनाओं जैसा न हो जाए।
काहे की स्वीकृति चाहिए?
पूर्व नेता प्रतिपक्ष देवेन्द्र सिंह तोमर का कहना था कि उन्हें तो अभी तक यह ही समझ में नहीं आया है कि परिषद से किस बात की स्वीकृति मांगी जा रही है, क्योंकि निगमायुक्त व एमआईसी का जो प्रतिवेदन आया है उसमें कहीं इस बात का उल्लेख नहीं है कि जनमित्र समाधान केन्द्र खोलने की अनुमति चाहिए। परिषद के सामने जो फाइल आई, न तो उसमें कोई बात स्पष्ट है और न किसी अधिकारी के इस पर साइन है। भविष्य में कोई गडबडी हुई तो इसकी जिम्मेदारी सत्तापक्ष व संबंधित अफसरों की होगी।
जनता के हितार्थ खोले जा रहे हैं
एमआईसी मेम्बर और सत्ता पक्ष की कमान संभाल रहे जगत सिंह कौरव इस चर्चा के बीच खडे हुए और बताया कि जनमित्र समाधान केन्द्र जनता के हितार्थ खोले जा रहे हैं इसलिए इन्हें सर्वसम्मिति से स्वीकृति देनी चाहिए। राजेश मौर्य, राजेश भदौरिया, सुशील वर्मा, महेश गुप्ता ने भी विपक्ष से मांग की कि इस पर विरोध नहीं होना चाहिए और इन्हें स्वीकृति प्रदान कर देनी चाहिए। |