जबलपुर । आयुध निर्माणी खमरिया में आयोजित विभागीय स्टोर कीपर की परीक्षा का पर्चा देख परीक्षार्थियों (कर्मचारियों) के होश उड गये। ओएफके फैक्ट्री ने विभागीय परीक्षा के पर्चे हिन्दी में न छपवाकर अंग्रेजी में छपवाकर परीक्षा आयोजित की,जिसके कारण परीक्षार्थी गणित एवं सामान्य ज्ञान विषय के प्रश्ा*हल नहीं कर सके हैं। कामगार यूनियन के सदस्यों ने परीक्षा रद्द कर परीक्षा हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिये जाने की मांग की है।
कामगार यूनियन के प्रदीप गर्ग ने जानकारी दी कि फैक्ट्री में विभागीय स्टोर कीपर की परीक्षा आयोजित की गई है। जिसमें फैक्टरी प्रशासन ने तमाम नियमों को ताक में रखकर परीक्षा ली है। उनका आरोप है कि फैक्टरी प्रशासन को परीक्षा हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में आयोजित करानी थी,ताकि परीक्षा में शामिल होने वाले सभी कर्मचारी पेपर को हल कर सकें, लेकिन फैक्ट्री प्रशासन द्वारा ऐसा नहीं किया गया और मनमाने तरीके से परीक्षा आयोजित कर खानापूर्ति कर ली है। उन्होंने बताया कि परीक्षा में लगभग 125 कर्मचारी सम्मिलित हुए हैं। परीक्षा की योग्यता 12वीं पास थी और इस परीक्षा में दरबान, फायरमेन, लेबर, अरर्दली सहित अन्य निचले कर्मचारी शामिल हुए हैं। संबंधित में से अधिकांश को अंग्रेजी भाषा का ज्ञान न होने के कारण वे पेपर हल नहीं कर सके हैं जिसके कारण परीक्षा महज औपचारिक ही रह गई है।
हिंदी का अपमान
यूनियन के सदस्यों का कहना है कि चाहे कोई भी परीक्षा हो हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा में आयोजित की जाती है। हिन्दी को बढावा देने के लिए एक अधिकारी भी नियुक्त किया गया है,लेकिन अंग्रेजी भाषा में पेपर आने से फैक्ट्ररी में हिंदी के महत्व की पोल खोलकर रख दी है।
निरस्त हो परीक्षा
यूनियन के प्रदीप गर्ग, कृष्णा मूर्ति, रामा राव, अजय तिवारी, दिलीप दाहिया, दीपक सैनी, अरुण दुबे, संजय परदेशी, लाल बहादुर राय, अजय घई,संकेत मिश्रा सहित अन्य ने इसे राष्ट्र भाषा का अपमान बताते हुए विभागीय परीक्षा निरस्त करने की मांग फैक्ट्री प्रशासन से की है। |