जबलपुर । सूचना के आधार पर बीती रात रेलवे के पार्सल विभाग में दबिश देने के बाद जब्त किये गये माल को अपने कब्जे में लेने के लिए वाणिज्य कर विभाग की एंटी इवेजन ब्यूरो की टीम को कडी मशक्कत करनी पडी। रेलवे के पार्सल विभाग के अधिकारियों के असहयोगात्मक रवैये के चलते एंटी इवेजन टीम को माल को अपने कब्जे में लेने में रात के 2 बज गये। माल की सुरक्षा टीम को पूरी रात रेलवे स्टेशन में गुजारनी पडी। शनिवार की सुबह जब्त किये गये 110डाक की गिनती और वजन कराने का काम शुरू किया गया, जो देर शाम तक जारी था। वहीं इस दौरान न तो कोई इस माल पर मालिकाना हक बताने पहुंचा और न ही पार्सल विभाग के पास इस बात की कोई जानकारी मिली कि दिल्ली से जबलपुर पहुंचा माल किसका है और इसे किसके द्वारा बुक कराया गया था।
जानकारी के अनुसार सूचना के आधार पर एंटी इवेजन ब्यूरो के अधिकारियों ने दिल्ली से टैक्स की चोरी कर साउथ कार्गो की वैन में लाये गये माल को अपने कब्जे में लेने जिस वक्त कार्यवाही शुरू की, उस वक्त वहां मौजूद पार्सल विभाग के अधिकारी यह कहते हुए सरकारी काम में व्यवधान डालने लगे की अभी माल वेंडर द्वारा अपने कब्जे में नहीं लिया गया है, जबकि हकीकत में माल वेंडर द्वारा रिसीव किया जा चुका था। वाणिज्य कर सूत्रों के मुताबिक देर रात जब मौके पर मौजूद एंटी इवेजन के अधिकारियों की बात सीधे डीआरएम से संभव हुई, तब उन्होंने पार्सल विभाग के अधिकारियों को लताड लगाते हुए एंटी इवेजन टीम को सहयोग करने की बात कही, तब जाकर जब्त किया गया माल वाणिज्य कर कार्यालय लाना संभव हो सका।
रेलवे ने नहीं किया सहयोग
एंटी इवेजन ब्यूरो से मिल रही सूचनाओं के अनुसार उनके पास इस बात की पुख्ता सूचना है कि रेलवे की कार्गो एजेंसियों के मार्फत बडी तादाद में दिल्ली और हावडा से माल जबलपुर पहुंच रहा है। पिछले करीब 1 माह के दौरान पार्सल विभाग में दी गई दबिश के बाद लाखों रुपये की पेनाल्टी भी वसूली की गई है। एंटी इवेजन ब्यूरो के सामने सबसे बडी समस्या यह है कि पार्सल विभाग के अधिकारी अघोषित तौर पर कार्गो एजेंसियों के पक्ष में कुछ ऐसी परिस्थितियां निर्मित करते हैं कि इससे यह बात स्पष्ट हो रही है कि रेलवे की मिलीभगत से टैक्स चोरी कर माल बाहर से लाया जा रहा है।
स्थापित की जा सकती है चौकी
जानकारों के अनुसार रेलवे में ऐसे नियम हैं कि वाणिज्य कर विभाग यदि चाहे तो रेलवे स्टेशन पर अपनी एक चौकी स्थापित कर सकता है। इस हेतु रेलवे द्वारा स्थान उपलब्ध करवाने का भी प्रावधान है। ऐसा माना जा रहा है कि निकट भविष्य में वाणिज्य कर विभाग अपनी एक चौकी पार्सल विभाग में स्थापित करेगा। वहीं समय-समय पर उच्च पदस्थ अधिकारी औचक निरिक्षण कर माल के साथ भेजे बिल एवं अन्य दस्तावेजों की जांच करेंगे, ताकि कर अपवंचन के आरोपियों के खिलाफ मुहिम अधिक प्रभावी ढंग से जारी रखी जा सके। |