जबलपुर। बीपीएल कार्डों में किया गया फर्जीवाडा, जहां विभाग के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है, वहीं शासन का गरीब जनता तक कम कीमत में अनाज पहुंचाने का सपना भी प्रभावित हुआ है। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि सर्वे के एक नंबर का इस्तेमाल अनेकों कार्ड बनवाने में किया गया ह।
प्रदेश की सबसे बडी पंचायत बिलपुरा की आबादी 25 हजार है। यहां बने बीपीएल कार्ड की संख्या 600 के लगभग है। यहां किए सर्वे के दौरान व बाद में भारी भ्रष्टाचार किया गया। सरपंच कमलेश सिंह ने बताया कि ऐसी कई विसंगतियां बिलपुरा ग्राम पंचायत में हैं, जिनमें एक ही सर्वे नंबर पर कई कई कार्ड बने हुए हैं और यह बात सर्वे नंबरों और कार्डों की गणना से स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने बताया कि बीपीएल कार्ड में भ्रष्टाचार की जानकारी कलेक्टर को दे दी है।
हजारों कार्ड फर्जी
माना जा रहा है कि केवल बिलपुरा के 600 बीपीएल कार्डों में इतना भ्रष्टाचार हो सकता है तो समूचे जिले के 1,74,948 बीपीएल कार्डों में कितना भ्रष्टाचार होगा, यह सोचा जा सकता है।
एक सर्वे नंबर पर कई कार्ड
पंचायत में उपलब्ध जनपद लिस्ट में दर्ज पेजों पर अनेकों प्रकरणों में एक ही सर्वे नंबर पर पंचायत के अंतर्गत बनने वाले बीपीएल कार्डों की संख्या दो से लेकर पांच तक है। जनपद लिस्ट में क्रमांक के आधार पर यह सूची इस प्रकार है,
क्रमांक नाम पिता/पति सर्वे नं.
24 श्यामसुंदर कोल जगदीश प्रसाद 102
25 श्याम लाल जगदीश 102
28 गोपाल चौधरी चनूटालाल चौ. 106
29 गोपाल चौधरी रानी बाई चौ. 106
33 विमला बाई स्व. बलराम 109
34 विमला बलराम 109
36 भूरी बाई स्व.भगवानदास 111
37 भूरी बाई स्व. भगवानदास 111
40 कालूराम चौधरी रामबाई 114
41 ब्रजलाल हरीप्रसाद 114
524 रोशनलाल यादव मीना यादव 63
525 गुड्डा कश्यप स्व.गनपत क. 63
526 गुड्डा भूमिया 63
557 विनोद कुमार खजांची 91
558 विनोद कुमार खजांची 91
559 विनोद कुमार भगवानदास चौ. 91
560 विनोद कुमार खजांची 91
561 विनोद कुमार मदनलाल 91
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