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पटना। बिहार में नक्सलियों द्वारा बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों की रिहाई को लेकर सस्पेंस कायम है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि सरकार को थाना प्रभारी अभय यादव , रूपेश कुमार सिन्हा और हवलदार एहतेशाम खान को रिहा किए जाने की जानकारी नहीं है। इसलिए हम पुलिसवालों की रिहाई की पुष्टि नहीं कर सकते। हालांकि नक्सलियों ने बंधकों को रिहा करने का दावा किया है। माओवादी प्रवक्ता ने रविवार सुबह पत्रकारों को इस बारे में जानकारी भी दी। इस बीच प्रमुख नक्सली नेता किशनजी ने बंधक बनाए गए पुलिसकर्मी अभय यादव के परिवार से मुलाकात की। उसने ये भी कहा कि बंधकों की पत्नी और बच्चों की गुहार पर पुलिसकर्मियों को मुक्त कर दिया गया है। पति की रिहाई की खबर से खुश अभय यादव की पत्नी रजनी ने किशनजी के हाथों में राखी बांधी और अपने पति तथा अन्य पुलिसकर्मियों को रिहा करने के लिए उन्हे धन्यवाद दिया।
सीआरपीएफ को भेजा वीडियो
बंधकों की रिहाई पर सस्पेंस के बीच नक्सलियों ने सीआरपीएफ को एक विडियो भेजा है , जिसमें एक शव दिखाया गया है। हालांकि इस बारे में कुछ साफ-साफ पता नहीं चला है कि ये शव किसका है। |