| | एलआईसी ने हर घंटे निपटाए 10 हजार दावे | | | |
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नई दिल्ली। जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने प्रति घंटे 10 हजार से अधिक बीमा दावों का निपटारा करते हुए पिछले वित्त वर्ष में दो करोड से अधिक बीमा दावों का निपटारा किया। एक सितंबर को स्थापना के 54 वर्ष पूरे कर चुकी जीवन बीमा कंपनी ने वर्ष 2009-10 में कुल मिलाकर 2. 11 करोड बीमा दावों का निपटान करते हुए 53,954 करोड रुपए का भुगतान किया। वर्ष के दौरान निगम ने 3. 88 करोड नई पॉलिसी कर 42,960 करोड रुपए का पहला प्रीमियम भी प्राप्त किया। एलआईसी दिल्ली मंडल संख्या-एक के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक टी.एस. रामकृष्णन ने बताया कि बीमा दावों के निपटान में कंपनी ने अपनी कार्यक्षमता का प्रदर्शन किया है और पिछले साल दो करोड से अधिक बीमा दावों का निपटान किया। उनके अनुसार इस लिहाज से यदि प्रतिमाह और प्रति घंटे का हिसाब लगाएं तो कामकाजी घंटों को ध्यान में रखते हुए निगम ने प्रति सैकंड तीन दावों का निपटान किया। निगम 28 करोड जीवन बीमा पॉलिसी हैं और करीब आठ करोड ग्रुप इंश्योरेंस का संचालन कर रहा है।
कुल मिलाकर 28 लाख करोड रुपए के बीमा जोखिम का उसने बीमा धारकों को भरोसा दिया है। रामकृष्ण ने बताया कि वित्त वर्ष के साढे चार महीनों में निगम ने बीमा पॉलिसी के तहत जुटाए गए प्रथम प्रीमियम राशि में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 96. 17 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि निगम के दिल्ली मंडल एक ने इस दौरान उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अप्रैल से अगस्त तक के पांच महीनों में एक लाख 36 हजार लोगों का बीमा किया और प्रथम प्रीमियम के रुप में 407. 92 करोड रुपए की राशि प्राप्त की। बीमा पॉलिसी के मामले में 30 प्रतिशत और जुटाई गई राशि में 115 प्रतिशत की धमाकेदार वृद्धि दर्ज की गईर्। रामकृष्णन के अनुसार एलआईसी के देशभर में फैले 108 मंडलों में कारोबार के लिहाज से कोलकाता मेट्रो और दिल्ली मंडल दो के बाद दिल्ली मंडल संख्या एक का तीसरा स्थान रहा। समाप्त वित्त वर्ष में मंडल ने चार लाख बीमा पॉलिसी बेची और 885 करोड रुपए का प्रथम प्रीमियम जुटाया। रामकृष्णन ने कहा लोगों में जीवन बीमा का प्रचार प्रसार करने में एलआईसी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, निगम ने जनता के धन को जुटाकर जनता के कल्याण के लिए ही उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि निगम ने अपनी सेवा, विश्वास और बेहतर आय के जरिए बीमाधारकों में अपना विशेष स्थान बनाए रखा है। |
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