| | ‘यदि पत्नी सताए, तो हमें बताएं’ | | | |
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लंदन। ‘पत्नी सताएं हमें बताएं’ की सुविधा सात समुदर पार भी पहुंच गई है। दिल्ली के बाद अब ब्रिटेन के लीचेस्टशायर में पत्नी द्वारा सताए गए लोगों के लिए ऐसी सुविधा की शुरूआत की गई है।
यह सुविधा शुरू की है वहां के वूमेन्स एड नामक संगठन ने , जो अबतक केवल घरेलू हिंसा के शिकार महिलाओं को ही अपनी सुविधा उपलब्ध करा था। इस शहर में भारतीय मूल के लोगों की अच्छी खासी संख्या है। इनमें ऐसे लोग हैं, जिनका जन्म भारत में हुआ और बाद में ब्रिटेन आ गए या फिर जिनका जन्म भी यहीं हुआ और यहीं बडे भी हुए। इस समुदाय के अभिभावक सांस्कृतिक कारणों से भारत से दुलहन ब्याह कर ले जाते हैं। कई बार इसतह की शादियां सफल नहीं होती और घरेलू हिंसा के शिकार मर्द और औरत दोनों होते हैं।
पत्नी द्वारा सताए गए लोगों के लिए कहीं कोई मदद उपलब्ध नहीं होती। ऐसे ही पुरुषों की मदद के लिए ‘वूमेन एड ने एक्शन एगेंस्ट डोमेस्टिक एब्यूज फोर मेन’ नामक संगठन बनाया है। वूमेन एड के मुख्य कार्यकारी पामेला रिचर्डसन ने कहा कि हालंाकि घरेलू हिंसा की ज्यादातर शिकार महिलाएं होती है लेकिन हम जानते हैं कि पुरुष भी शिकार हो सकते हैं। संगठन की एक अधिकारी ने कहा कि हमारे आंकडे बताते हैं कि घरेलू हिंसा के शिकार लोगों में 20 प्रतिशत पुरुष होते हैं। |
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