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नई दिल्ली। राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे दिल्ली पुलिस के 70 से ज्यादा जवान दागदार हैं। चौंका देने वाला यह खुलासा सूचना के अधिकार से मिली एक जानकारी में हुआ है। देश के प्रथम नागरिक की सुरक्षा में लगे दिल्ली पुलिस के 38 जवान तथा अन्य अतिविशिष्ट और विशिष्ट लोगों की हिफाजत में लगे 11 अन्य कर्मी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए हैं।
अवैध वसूली से लेकर हेराफेरी में लिप्त
राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा में तैनात दागी जवान अवैध वसूली से लेकर पैसों की हेराफेरी तथा नौकरी दिलाने के नाम पर उच्च अधिकारी के नाम के दुरुपयोग जैसे अपराधों में लिप्त रहे हैं , इनमें से 90 प्रतिशत से ज्यादा यातायात इकाई में तैनाती के दौरान अवैध वसूली के धंधे में शामिल रहे हैं। इनमें से उपनिरीक्षक कंवल सिह और आरक्षी जयप्रकाश को छोडकर सभी दागी जवानों पर लगे आरोप साबित हो चुके है और उन्हें सजा भी हो चुकी है।
दिल्ली पुलिस के 60 कर्मी सजायाफ्ता
दिल्ली पुलिस के 60 कर्मी दोषी ठहराये जा चुके हैं और इन्हें एक वर्ष से लेकर तीन वर्ष तक के सश्रम कारावास की सजा और सौ रुपए से लेकर 15 हजार तक के जुर्माने लगाए जा चुके हैं, इनमें एएसआई, कांस्टेबल और हेडकांस्टेबल रैंक के अधिकारी शामिल हैं।
60 अन्य के खिलाफ जांच जारी
इनके अलावा 60 कर्मियों के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच अभी जारी है, जिन लोगों के खिलाफ जांच लंबित है उनमें सहायक पुलिस आयुक्त से लेकर कांस्टेबल रैंक तक के अधिकारी शामिल हैं।
भ्रष्टाचार निरोधी शाखा के 57 जवान भ्रष्ट करार
दिलचस्प लेकिन अफसोसनाक
मामला यह है कि भ्रष्टाचार को रोकने के लिये गठित भ्रष्टाचार निरोधी शाखा के 57 जवान खुद इसी अपराध में दोषी ठहराए जा चुके हैं जबकि 60 के खिलाफ भ्रष्टाचार में शामिल रहने के मामले की सुनवाई चल रही है। |