मुंबई,। परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष और भारत के पहले परमाणु परीक्षण के सूत्रधार होमी नौसेरवांजी सेठना का 86 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। पारिवारिक सदस्यों ने सोमवार को बताया कि रविवार रात 11 बजकर 15 मिनट पर सेठना ने मालाबार हिल्स स्थित घर पर अपनी अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा।
उपलब्धियों भरा जीवन
परमाणु वैज्ञानिक एवं रासायनिक इंजीनियर सेठना ने ही वर्ष 1959 में ट्रांबे में भारत के पहले प्लूटोनियम संयंत्र की स्थापना की थी। वह मुंबई जाने से पहले केरल में इंडियन रेड अर्थ के निदेशक थे। सेठना वर्ष 1984 में परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष पद से रिटायर हुए थे। वे1989 से 2000 तक टाटा पावर के अर्थ के भी अध्यक्ष रहे। वह टाटा संस, बांबे डायिंग समेत कई अन्य कंपनियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में शामिल रहे। उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। सेठना के निर्देशन में ही 1967 में बिहार के जादूगोडा में यूरेनियम मिल की स्थापना की गई थी।
ऐसे थे सेठना
परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष पीके अयंगर ने सेठना के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उनके व्यक्तित्व से जुडी अपनी यादों को ताजा किया। अयंगर ने बताया कि सेठना हमेशा जोश-खरोश से भरे रहते थे। वे फैसले लेने में देरी पसंद नहीं करते थे और खुद बहुत तेजी से फैसले लेते थे। उन्होंने कहा कि सेठना एक काबिल और ऊर्जावान इंजीनियर थे और हमेशा खतरा उठाने को तैयार रहते थे। अयंगर ने कहा कि उनका व्यक्तित्व जोखिम लेने वाला था और उन्होंने किसी काम को करने के लिए नौकरशाही की जटिल और उबाऊ प्रक्रिया के इंतजार में वक्त बरबाद नहीं किया।
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