चेन्नई । भारत में सेक्स से जुडी कैसी-कैसी समस्याएं लोग झेलते हैं, इसके कई नमूने यहां चल रहे 26वें नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ सेक्सोलॉजी में देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण भारत के ग्रामीण इलाकों में युवकों के भैंसों के साथ सेक्स करने और महिलाओं के डॉगी को तवज्जो देने जैसे मामले कॉन्फ्रेंस में सामने आए। यह नोट किया गया कि भारत में आईपीसी की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध)के मुताबिक यह दंडनीय अपराध है। फिर भी, यह बात स्थापित हुई कि भारत में भी ऐसी बातें अजूबा नहीं हैं। यह अच्छी खासी तादाद में ऐसे मामले देखने को मिलते हैं। चेन्नई के डॉ. नारायण रेड्डी ने बताया कि छह महीने पहले वेल्लोर से एक यंग कपल उनके पास आए। कपल की शादी को 5 साल हो गए थे, लेकिन उनके बीच कभी सेक्स नहीं हुआ था। डॉ. रेड्डी के मुताबिक जब उन्होंने इस केस पर गौर किया और अपने ढंग से दोनों से अलग-अलग बात की तब पता चला कि 29 साल का वह युवक बतौर पार्टनर भैंसों को पसंद करता है। पिछले कई वर्षों से वह अपनी उम्र के अन्य युवकों के साथ मिलकर मादा भैंसों के साथ सेक्स करता था। एक अन्य मामले का जिक्र करते हुए डॉ. रेड्डी ने ऊंचे परिवार की एक महिला के बारे में बताया कि जब भी उसका पति सेक्स चाहता था, वह कुत्ते को वक्त देना ज्यादा पसंद करती थी। डॉ. रेड्डी ने कहा कि ऐसे मामलों में सही-गलत का नजरिया अपनाना मुश्किल होता है। हम अपने मरीज से पूछते हैं कि वे चाहते क्या हैं? ज्यादातर मामलों में लोग शादी को बचाने की कोशिश करते हैं और हम उनकी मदद करते हैं।
नए विवाद को हवा
अमेरिका से आए सेक्स थेरपिस्ट हनी मिलेत्स्की ने अननैचरल सेक्स का सवाल उठाया। खासकर पशुओं से सेक्स करने की प्रवृत्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि गांवों में जहां लोग पशुओं के करीब होते हैं, ऐसे मामले ज्यादा देखे जाते हैं। कॉन्फ्रेंस में इनके सही या गलत होने के बारे में कोई नतीजा नहीं निकला।
|