नई दिल्ली। औरंगाबाद के एक कलाकार की बेहद भडकाऊ पेंटिंग्स मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर के लिए मुसीबत बन गईं। जिसकी वजह से सेंटर ने यहां चल रही कला प्रदर्शनी को तीन दिन बाद शनिवार को बंद कर दिया। ऐसा पहली बार हुआ है, जब सेंटर ने किसी प्रदर्शनी को इस तरह अचानक बंद करने का फैसला किया है।
कुछ गलत नहीं
नंदकुमार ने कहा कि जब गैलरी ने मेरी पेंटिंग्स पर ऐतराज किया तो मैं ‘अंधविश्वास’ को हटाने को तैयार था, क्योंकि वह कर्नाटक के कुछ इलाकों में प्रचलित एक पूजा पद्धति पर बेस्ड थी और वह महिला देवी नहीं थी।
जिन दो पेंटिंग्स पर सवाल उठ रहे हैं, उनके नाम हैं गांधी (पुणे समझौते के बाद) और अंधविश्वास।
1. धोती पहने महात्मा गांधी को एक शख्स को त्रिशूल मारते दिखाया गया है।
2. ‘ अंधविश्वास’ में एक हिंदू देवी को उत्तेजक अवस्था में दिखाया गया है।
प्रबंधन पर आरोप
कलाकार नंदकुमार जोगदंड ने इस मामले में वर्ली पुलिस में कम्प्लेंट फाइल की है। नंदकुमार का इल्जाम है कि यह मेरी अभिव्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन है। भरोसेमंद माना जाने वाला नेहरू सेंटर एक सैफरन गु*प के दबाव के आगे झुक गया। हालांकि, जोगदंड के इन इल्जामों को सेंटर मैनेजमेंट ने पूरी तरह से नकार दिया है। |