भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अस्पतालों के प्रबंधन को सुदृढ करने और स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करने की सभी व्यवस्थाएं आवश्यक बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय उपकरणों के संचालन और प्रबंधन में गैर-जिम्मेदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वे सोमवार को यहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में किए गए ऐहतियाती उपायों और भविष्य की कार्ययोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। सीएम ने चिकित्सकों और स्टाफ नर्स की भर्ती प्रक्रिया को अविलम्ब पूरी किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल उपकरणों की खरीदी की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। उपकरणों के संचालन एवं रखरखाव की लगातार मॉनिटरिंग होना चाहिए, ताकि लोगों को सर्वोत्तम सेवाएं मिल सकें। उन्होंने उपकरणों की खरीद के आदेश देते समय उपकरण प्रदाय की समयसीमा भी तय करने को कहा।
आंखों के परीक्षण के निर्देश ः मुख्यमंत्री ने दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना के तहत गरीबों को उपचार सहायता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों की आंखों के परीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि राज्य बीमारी सहायता कोष के अंतर्गत स्वाइन फ्लू को भी फिलहाल शामिल किया गया है। डेंगू और मलेरिया नियंत्रण के संबंध में सीएम ने स्थानीय निकायों के सहयोग से सफाई अभियान और बचाव के उपायों की जानकारी देने के लिए सघन प्रचार अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम, क्षय नियंत्रण संबंधी कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। उन्होंने संस्थागत प्रसव में मध्यप्रदेश की उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए अधिकारियों को बधाई दी। |