नई दिल्ली । पांच बज कर छह मिनट सात सेकेंड, तारीख आठ, महीना नौ और सदी का दसवां साल। अंकों को एक क्रम (पांच से दस तक) में सजाने वाली यह अद्भुत घटना इस बुधवार को सामने आने वाली है। आठ सितंबर को घडी में जब पांच बजकर छह मिनट और सात सेकेंड होंगे तो पांच से लेकर 10 तक के सभी अंक एक क्रम में होंगे। अंकों के दर्शन और ज्योतिष में विश्वास करने वालों पर आठ सितंबर को ग्रह और नक्षत्रों की विशेष कृपा हो सकती है। ज्योतिष में अंकों का विशेष महत्व होता है। अंक ज्योतिष में माना जाता है कि प्रत्येक अंक का स्वामी एक ग्रह होता है। जैसे कि पांच अंक का स्वामी बुध है। महत्वपूर्ण बात है कि आठ सितंबर को बुधवार है। जबकि छह, सात, आठ, नौ और दस अंक के स्वामी क्रमशः शुक्र, वरुण, शनि, मंगल और सूर्य हैं। बुधवार को एक ही दिन में इन सभी ग्रहों का सम्मिलित प्रभाव होने से लोगों को विशेष लाभ हो सकता है। उस दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र एवं भाद्रपद अमावस्या होने से लोग इस दिन अपने मांगलिक कार्यो की शुरुआत भी कर सकते हैं।
नौ अंक की महिमा
इस अंक में एक से लेकर आठ तक के अंक समाहित हैं, इसलिए इसे ईश्वरीय अंक माना गया है। इस दिन के समय और तारीख के अंकों को जोडने पर उनका योग 45 और मूलांक नौ निकलता है। ग्रहों की संख्या नौ है।
कुंडली और जन्म पत्रिका का नौवां भाव अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यही नहीं वैज्ञानिक दृष्टि से भी नौ अंक का विशेष महत्व है। ग्रहों की संख्या नौ है। नौ अंक की पौराणिक मान्यता भी है। हमारे यहां शक्ति के नौ रूप, महाभारत के 18 पर्व और गीता के 18 अध्याय का मूलांक नौ है। |