ग्वालियर। हौंसले बुलंद हो तो मंजिल खुद-ब-खुद मिल जाती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है माधव विधि कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना(एनएसएस) के वरिष्ठ स्वयंसेवक देवेश अग्रवाल ने। उसने तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए दक्षिण कोरिया की यात्रा कर शहर सहित प्रदेश का नाम रोशन किया। 41 वर्ष के इतिहास में जीवाजी विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई में देवेश पहला स्वयंसेवक है, जिससे विदेश जाकर विवि को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सौभाग्य प्राप्त किया।
देवेश ने 12 अगस्त से 21 अगस्त तक दक्षिण कोरिया में आरएन बिसवाल के नेतृत्व में 20 सदस्यीय भारतीय युवा प्रतिनिधि मंडल मे भागादारी की। युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार ने गत पांच वर्षों में देवेश की एनएसएस के क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों को दृष्टिगत रखते हुए युवा मैत्री समूह के अंतर्गत उसे कोरिया भेजा था। इन वर्षों में देवेश ने राज्यस्तरीय शिविरों, राष्ट्रीय शिविरों, राष्ट्रीय साहसिक अभियान, राष्ट्रीय युवा उत्सव, प्रीआरडी शिविर, एड्स जनजागरण कार्यक्रमों म भागीदारी कर विशेष यश प्रा. किया है। देवेश को गत वर्ष एनएसएस का विश्वविद्यालय स्तर पुरस्कार एवं सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक होने का मप्र राज्य स्तर पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। दक्षिण कोरिया यात्रा के दौरान उन्होंने सियोल एवं प्रसिद्ध शहर बुशान की यात्रा की तथा यहां की कोरियाई युवा गतिविधियों का जायजा लिया। इन दस दिवस में उसने भारतीय युवा प्रतिनिधि मंडल के साथ कोरिया देश की विभिन्न पैलेस व भवनों का भ्रमण किया। उनके स्वदेश वापस आने पर जीवाजी विवि में उनका स्वागत किया गया। उनकी इन उपलब्धियों के पीछे एनएसएस अधिकारी डॉ. एफ सैफी का विशेष योगदान रहा। |