ग्वालियर। वन विभाग के अधिकारी सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों के साथ सहानुभूति का बर्ताव करने की वजाय उन्हें सेवा समाप्ति के बाद नियमानुसार मिलने वाले भुगतानों के लिए चक्कर लगवा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें विभाग के भोपाल स्थित मुख्य वन संरक्षक के कार्यालय मे पूर्व पदस्थ लेखाधिकारी सेवानिवृत्ति के तीन माह बाद भी भुगतान के लिए विभाग के चक्कर लगा रहा है और उसके साथ काम करने वाले अधिकारी उससे चक्कर लगवा रहे हैं।
जीपी शाक्य नामक यह अधिकारी विभाग के भोपाल स्थित मुख्यवनसंरक्षक कार्यालय में पदस्थ थे। 25 मई, 2010 से पूर्व यह महानगर के सिटी सेंटर स्थित मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में कार्यालय अधीक्षक के पद पर पदस्थ थे। 25 मई, 2010 को इनको पदोन्नत करके उन्हें भोपाल पदस्थ कर दिया गया था। पदोन्नति का पत्र मिलते ही 26 मई, 10 को शाक्य द्वारा भोपाल स्थित विभाग के मुख्यालय मे ज्वाइन कर लिया गया था। ज्वाइन करने के चार दिन बाद 31 मई को श्री शाक्य लेखाधिकारी पद से सेवानिवृत्त हो गए। उसके बाद यह पूर्व लेखाधिकारी अपने सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले भुगतानों को लेकर आज तक चक्कर लगा रहे हैं। इनके भुगतानों में अवकाश नगदीकरण की डेढ लाख रुपए की राशि, लगभग सवा लाख का एरियर भुगतान, जीपीएफ का लगभग 7 लाख का भुगतान व पेंशन शामिल है जो विभाग द्वारा दिया जाना है। |