ग्वालियर। चेतकपुरी गेट के सामने स्थित पेट्रोल पंप से बाइक सवार लुटेरे एक युवक से एक लाख रुपए लूटकर भाग गए। रुपए एक बैग में रखे हुए थे जिसको लेकर बाइक पर पीछे एक दूसरा युवक बैठा था। लूट के लगभग एक घंटे बाद फरियादी पुलिस के पास पहुंचा और सूचना दी। फिलहाल पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन मामले को संदेह की दृष्टि से देख रही है।
लूट की वारदात सोमवार की शाम साढे चार बजे चेतकपुरी गेट के सामने पेट्रोल पंप पर हुई। बताया जाता है कि साकेत मंगल निवासी फालका बाजार दाल बाजार में दलाली का काम करते है। बंटी बघेल नाम का युवक उन्हीं के यहां काम करता है। शाम को दोनों एक स्टारसिटी बाइक पर सवार होकर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए पहुंचे। पेट्रोल भरवाने के बाद जैसे ही वह चंद दूरी पर पहुंचे उसी दौरान बाइक पर सवार होकर आए लुटेरों ने साकेत मंगल के हाथ से रुपयों से भरा बैग छीनकर भाग गए। हालांकि साकेत का कहना है कि उसने लुटेरों का पीछा भी किया, लेकिन वह बाइक को इतनी तेजी में चलाकर ले गए कि वह उनका पीछा न कर सका। एक लाख रुपए बंटी बघेल के बताए जाते हैं। लूट की वारदात होने के बाद वह अपने परिजनों के पास पहुंचे और पूरा मामला बताया। उसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। लगभग एक घंटा बीत जाने के बाद पुलिस को सूचना मिली। साकेत ने पुलिस को बताया कि लुटेरे काली पल्सर पर सवार थे। बाइक सवार एक काली टीशर्ट पहने युवक चला रहा था जबकि पीछे बैठा युवक जिसने बैग छीना वह सफेद शर्ट पहने हुए था। इस सूचना के बाद पुलिस ने काली पल्सर सवारों की धरपकड भी की, लेकिन लुटेरे हाथ नहीं आ सके। फिलहाल पुलिस लुटेरों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस मामले को सन्देह की दृष्टि से देख रही है।
गाडी फाइनेंस के लिए ले जा रहा था रुपएः बंटी को एक वाहन फाइनेंस कराना था, इसलिए वह बैग में रखकर एक लाख रुपए सिटी सेंटर स्थित श्रीराम फाइनेंस कंपनी ले गया था। चूंकि पचास हजार रुपए कम पड गए इसलिए वह एक लाख रुपए को वापस घर ले जा रहा था। इसी दौरान वह पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए रुका। पेट्रोल भरवाने के बाद जब वह जा रहा था तो यह घटना हो गई।
मौके पर तैनात पुलिस को नहीं दी जानकारीः जिस जगह लूट की वारदात हुई उसी जगह झांसी रोड थाने के दो पुलिसकर्मी भी तैनात थे। बताया जाता है कि बंटी बघेल उन पुलिसवालों में से एक को पहचानता भी था। पुलिसकर्मी ने बताया कि यह दोनों युवक उसके सामने से ही निकले थे और इन्होंने उनसे नमस्कार भी किया था। लेकिन लूट की वारदात के बारे में उन पुलिसकर्मियों को इन्होंने कुछ नहीं बताया।
इसके अलावा जिस जगह लूट की वारदात हुई वहां मौजूद किसी को भी लूट का मामला पता नहीं चल सका। जब पुलिस मौके पर पहुंची तब जाकर लूट होने का लोगों को पता चला। लूट के बाद न तो बंटी चिल्लाया न ही साकेत, जबकि उन दोनों को कहना था कि वह घबरा गए थे इसलिए किसी को कुछ नहीं बताया। |