ग्वालियर। आज के आधुनिक युग में लोग समय के साथ बराबर चलकर अधिक से अधिक पैसों की बचत तो करना चाहता है, मगर इस लोभ में आकर वह यह भी भूल जाते हैं कि जो वस्तुएं उनके द्वारा खरीदी जा रही है कहीं वह उनके लिए नुकसान देह तो नहीं है।
मोबाइल के दौर में जहां शहरवासियों में एक-दूसरे को देखकर मोबाइल खरीदने के लिए होड लगती है, तो वहीं इस दिखावे तथा पैसों की बचत को ध्यान में रखकर वह बिना सोचे समझे कम्पनी बजाय की कम पैसों में अधिक सुविधा को देखते हुए लोकल चायना मेड मोबाइल खरीद लेते हैं, और एक दिन तकनीकी खराबी के कारण उनका मोबाइल ही उनकी जान का दुश्मन बन जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा पिछले दिनों शहर में देखने को मिला है। जहां यह चायना मेड मोबाइल कभी बैटरी के फूलने, कभी चार्जिंग के वक्त सेलफोन के गर्म होने से तो कभी जेब में रखे-रखे फट जाने से हादसे का कारण बन गया।
केस-1
नाका चन्द्रवदनी निवासी किशोर पाठक का आई-साउण्ड 010 मोबाइल शनिवार की रात चार्जिंग पर लगा था। चार्जिंग के दौरान मोबाइल की बैटरी गरम होकर फट गई। इस तरह के अचानक हुए विस्फोट से किशोर सकते में आ गया। थोडी देर के बाद जब उसने देखा तो उसके मोबाइल में आर-पार एक छेद हो गया था।
केस-2
दीनदयाल नगर निवासी तथा चाय विक्रता राजू खान एक महिने पहले अधिक सुविधाओं के लालच में चायना का मोबाइल जीएस-012 चोपी बाजार से खरीदकर लाया था। कुछ ही दिनों में उसकी बैटरी फूल गई। उसके ध्यान न देने के कारण उसकी चाय की दुकान पर रखा उसका मोबाइल अचानक फट गया। इस विस्फोट से किसी को कोई हानि नहीं पहुंची।
1200 रुपए में खरीद सकते हैं हादसे
कम्पनियों के मोबाइलों को पछाडने की नियत से बाजार में इन दिनों चायना क मोबाइलों का बोलबाला है। जहां एक तरफ कम्पनी कैमरा, मैमोरीकार्ड,एफ एम सहित अन्य सुविधा 6 हजार रुपए से तथा उससे अधिक में उपलब्ध कराती है वहीं चायना मेड मोबाइल इस सुविधाओं को मात्र 1200 रुपए से 3 हजार रुपए तक में उपलब्ध करा देती है।
क्या कहता है विक्रेता
चायना के मोबाइल ही क्या सभी प्रोडक्ट बंद कर देने चाहिए। क्योंकि इस तरह की वारदात कभी भी दुकानदान को नुकसान पहुंचा सकती है। हम लोग भी इस तरह के लोकल मोबाइल नहीं बेचना चाहते हैं, मगर मजबूरी वश मार्कट के कम्पटीशन के लिए रखना पडता है।
मोन्टी गोयल, संचालक जॉली मोबाइल,टोपी बाजार |