ग्वालियर । शासन के लाख प्रयासों के बाद भी कॉलेजों में रैगिंग व मारपीट की घटनाओं पर लगाम नहीं कस रही। एंटी रैगिंग कमेटियां भी रैगिंग पर रोक लगाने में विफल हैं। सोमवार को एमएलबी कॉलेज में छात्र एक बार फिर आपस में भिड गए। उनके बीच जमकर बेल्ट और लट्ठ चले। बाहरी गुट ने कॉलेज के तीन छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे एक छात्र का सिर फट गया व अन्य को गंभीर चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची कम्पू पुलिस ने मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। मामला रैगिंग का बताया जा रहा है। एमएलबी कॉलेज में सोमवार सुबह करीब 10.30 बजे कॉमर्स भवन के बाहर अपनी-अपनी कक्षाओं में जाने के लिए छात्र एकत्रित हुए थे कि तभी छात्र किसी बात को लेकर आपस में भिड गए। बताया जा रहा है कि प्रशत परमार और उसके अन्य साथी बीकॉम प्रथम वर्ष में अध्ययनरत छात्र अनिरुद्ध वैश्य, सुजीत व मोनू दुबे की बेरहमी से पिटाई करने लगे। उन्होंने बैल्ट और डंडे निकालकर जमकर धुनाई कर दी। सबसे अधिक अनिरुद्ध के साथ मारपीट की गई, उसके सिर पर डंडे और ईंटें चलाए गए, जिस कारण उसका सिर फट गया और लहूलुहान हो गया। घटना में तीनों छात्रों को चोटें आई हैं। पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी छात्रों को पकड लिया है। अनिरुद्ध के बयान पर कम्पू थाने में आरोपी छात्र प्रशांत व अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 294, 323, 506 व 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य आरोपी छात्रों की तलाश कर रही है।
लडाई की जड बना चश्माः छात्रों के बीच लडाई का मुख्य कारण आंखों का चश्मा माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक बीकॉम प्रथम वर्ष में अध्ययनरत छात्र अभिषेक को आईफ्लू हुआ है और वह इसके बचाव के लिए आंखों पर काला चश्मा लगाकर कॉलेज आया था। कॉमर्स ब्लॉक में प्रशांत व उसके अन्य साथी अभिषेक से पूछने लगे कि कॉलेज इस तरीके से आया जाता है। चश्मा आंखों से उतार लो। जब अभिषेक ने आंखों पर आई-फ्लू होने की बात कही, तो भी वह नहीं माने और मारपीट करने लगे।
राजपूत बोर्डिंग के छात्रों पर शकः कॉलेज में हुई मारपीट की घटना के पीछे बाहरी छात्रों को हाथ बताया जा रहा है। इसमें राजपूत बोर्डिंग के छात्रों पर भी शक जा रहा है। घटना के समय पकडा गया आरोपी छात्र प्रशांत भी बोर्डिंग का है। उसके अन्य साथी भी घटना के दौरान मौजूद थे।
पुराना है विवादः छात्रों के बीच मारपीट का पुराना विवाद भी सामने आ रहा है। आरोपी छात्र और पीडित छात्रों के बीच कुछ दिनों पहले भी कहा-सुनी हो चुकी है और अब इस घटना से जोडकर देखा जा रहा है।
कमेटी की सतर्कता आई कामः छात्रों के बीच डंडे और बैल्ट चलने की जानकारी मिलते ही कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी के पदाधिकारी वहां पर पहुंच गए। कमेटी के सदस्य प्रो. एके वाजपेयी एवं अन्य सदस्यों ने बीच-बचाव किया और आरोपी छात्र प्रशांत को वहीं पर धर लिया। बाद में उन्होंने पुलिस को सूचित कर प्रशांत को उनके हवाले कर दिया।
रैगिंगः एंटी रैगिंग समिति सख्त
ग्वालियर। कॉलेजों में आए दिन घटित रहीं रैगिंग की घटनाओं को लेकर जीवाजी विश्वविद्यालय प्रशासन काफी सख्त है। रैगिंग को लेकर विवि में मंथन होने वाला है। जिसमें एंटी रैगिंग कमेटियों के पदाधिकारी और विवि के अधिकारी शामिल होंगे। 7 अगस्त को कुलपति की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। जिसमें रैगिंग को रोकने के लिए विशेष चर्चा की जाएगी और सुझाव लिए जाएंगे। बैठक में कुलपति प्रो. एम किदवई शिक्षकों एवं छात्रों को संबोधित करते हुए रैगिंग के दुष्परिणामों को बताएं और इससे निपटने सुझाव देंगे। रैगिंग के लिए शासन ने सख्त नियम बनाए हैं, उसके बाद भी छात्र रैगिंग लेने से बाज नहीं आ रहे हैं। हालांकि इस मामले में जीविवि की बेदाग छवि रही है और गत व मौजूदा वर्ष में एक भी रैगिंग का मामला प्रकाश में नहीं आया। इसके लिए प्रोक्टोरियल बोर्ड एवं एंटी रैगिंग कमेटी का विशेष योगदान रहा है, जिसने रैगिंग के प्रति छात्रों को जागरूक किया। विवि द्वारा रैगिंग रोकने एक विशेष बैठक 7 अगस्त को शाम 4 बजे गालब सभागार में होगी।
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