जबलपुर । मेरा जीवन अब एक झूठ का पुलिंदा बन चुका है, पता नही कब यह मेरा पीछा छोडेगा, कभी तो ऐसा लगता है कि सबकुछ मम्मी-पापा से बता दूं। लेकिन डरती हूं कि इस झूठ को सुनकर वे क्या सोचेंगे। ये सारी बातें युवती ने अपनी एक डायरी में लिखी है, पुलिस को यह डायरी होटल के कमरे की तलाशी के दौरान मिली है।
युवती को मुंबई के युवक ने हीरा व्यापारी बनकर अपने जाल में फंसाया और 6 साल से अपने साथ रखे थे। अब लडकी अपने माता पिता के साथ बिलासपुर पहुंच चुकी है। टीआई अजय बाजपेई ने बताया कि इंटरनेट पर चेटिंग के माध्यम से मुम्बई के मनीष जायसवाल ने ऋतु (बदलाहुआनाम) से दोस्ती की, उस समय ऋतु सेंटएलायसिस स्कूल में 12वीं कक्षा में अध्ययनरत थी, जैसे ही मनीष को पता चला तो वह जबलपुर आ गया।
दोनों सिविल लाइन स्थित रिषी रीजेन्सी होटल में रुके, 6 साल तक होटल के एक कमरे में मनीष के साथ निवास कर रही ऋतु खाली समय में डायरी लिखती रही, जिसमें ऋतु ने लिखा कि मेरा जीवन इस झूठ के सहारे कब तक चलेगा, हर दिन एक नए झूठ के सहारे जीते-जीते वह थक चुकी है, ऐसा लगता है कि अपनी जीवन की झूठ भरी कहानी का अंत कर दे, लेकिन क्या करे अब तो मनीष ने सारे रास्ते बंद कर दिए है। लिखी गई डायरी के कुछ पन्ने पुलिस ने बरामद किए है। वही युवती के इस कृत्य से व्यथित माता पिता शहर आए और अपनी लडकी को लेकर बिलासपुर चले गए।
झूठ बोलने की आदत
डायरी में ऋतु ने इस बात का भी जिक्र किया है कि उसकी बचपन से ही झूठ बोलने की आदत थी जिससे माता-पिता भी परेशान रहे। इस बात के लिए कई बार उसे समझाइश दी गई, फिर भी झूठ बोलना आदत में शामिल हो गया, और यही झूठ जिंदगी के लिए नासूर बन गया। एक झूठ को छिपाने के लिए दूसरा झूठ बोलते बोलते कटे छह साल।
28 हजार में कुत्ता बेचा
पुलिस ने बताया कि मनीष जायसवाल ने हीरा व्यापारी बनकर न सिर्फ होटल कर्मी को बल्कि होटल के समीप एक दुकान संचालक के भी ठगी की है, मनीष ने अपना एक विदेशी नस्ल का कुत्ता 28 हजार रुपए बेचकर अपना खर्चा चलाया है। अब वह कुत्ता दुकान संचालक के पास है।
|