जबलपुर । अमरकंटक सहित कई विद्युत यूनिटों के ठप होने से आने वाले रबी सीजन में परेशानी हो सकती है। फिलहाल प्रदेश के अंदर विद्युत की मांग 4000 मेगावाट के आसपास बनी हुई है। इसके अलावा बांधों के जल स्तर में सुधार के कारण पन बिजली को पूरी क्षमता के साथ उपयोग करने का विकल्प खुला हुआ है। लेकिन कोयले से बनने वाली बिजली की बाधाओं में विराम नहीं लगने से रबी सीजन के दौरान संकट खडा होने की आशंका बनी हुई है। फिलहाल प्रदेश के कई जिलों में हो रही जोरदार बारिश से बिजली की मांग में कमी आई है।
थर्मल से 1200 मेगावाट
विद्युत मंडल की पावर जनरेटिंग कंपनी के पास कोयले से बनने वाली बिजली की क्षमता 2932.5 मेगावाट है। लेकिन इसकी 1342.5 मेगावाट की क्षमता बाधित चल रही है। करीब 1200 मेवा का उत्पादन हो रहा है।
पन बिजली से 1500 मेगावाट
नर्मदा बेसिन में बने बांधों का जल स्तर उनकी अधिकतम भराव क्षमता के आसपास पहुंच रहा है। जिससे पन बिजली की उपलब्धता बढने की पर्याप्त संभावनाएं बन गई हैं और इस पावर का उपयोग आपूर्ति को बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश में पन विद्युत उत्पादन की क्षमता 3300 मेगावाट है।
हर पल मौत का साया
जबलपुर। रद्दी चौकी मुख्य मार्ग के नाले के पास लगा ट्रांसफार्मर बारिश के दौरान बडे हादसे को आमंत्रण देने के लिए तैयार है। इतना ही नहीं रद्दी चौकी से लगे करीब 300 व्यावसायिक व घरेलू उपभोक्ताओं के घरों की विद्युत सप्लाई करने वाला यह ट्रांसफार्मर जानमाल का नुकसान कर विद्युत आपूर्ति चौपट कर सकता है। रद्दी चौकी मुख्य मार्ग पर दिन-रात वाहनों का दबाव बना रहता है। बारिश से ट्रांसफार्मर का बेस बहाव में क्षतिग्रस्त हो रहा है।
करंट से लाइनमैन की मौत
जबलपुर। पांच सितंबर को लखनादौन के पास धनौरा सब स्टेशन के अंतर्गत झालोन गांव में कार्य के दौरान गुरुदयाल लाइनमैन की मौत हो गई। लाइन को सुधारते समय परमिट लेने के बावजूद सब स्टेशन से निजी आपरेटर ने लाइन चालू कर दी जिससे उसे करंट लगा और वह खंबे से गिर गया। उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी। म प्र तकनीकी कर्मचारी संघ ने बताया ने बताया कि चार वर्ष में अब तक पांच लाइनमेनों की करट लगने से मौत हो चुकी हैं। संघ का कहना है कि पूर्व क्षेत्र प्रबंधन को यह बताया गया था कि जो भी सब स्टेशन बनाई जा रही हैं उसमें नियमित स्टाफ का होना बेहद जरुरी है लेकिन कंपनी इसकी अनसुनी करती आई है। |