| | भारतवंशी युवक ने अपना दोष स्वीकारा | | | |
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मेलबर्न। तीन वर्षीय बच्चे गुरशान सिंह चन्ना की मौत के मामले में आरोपी भारतीय मूल के युवक गुरसेवक ढिल्लों ने एक कोर्ट में अपना दोष स्वीकार कर लिया। हेराल्ड सन में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 23 वर्षीय ढिल्लों ने मेलबर्न मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपना दोष स्वीकार कर लिया।
ढिल्लों बच्चे और उसके अभिभावकों के साथ ही रहता था। मजिस्ट्रेट पीटर रीरडन के सामने खडे होकर ढिल्लों ने कहा कि यॉर ऑनर , मैं दोषी हूं। उस पर अपराधिक उपेक्षा से नरसंहार का आरोप लगा है। गुरशान इस वर्ष की चार मार्च को अपने घर से लापता हो गया था। उस समय उसकी मां नहा रही थी। उसके लापता होने के छह घंटे बाद उसका शव मेलबर्न हवाईअड्डे के पास से बरामद हुआ था। ढिल्लों बेहोशी की हालत में पडे गुरशान को अपनी कार में डालकर तीन घंटे तक यहां से वहां घूमता रहा। उसके बाद उसने उसे एक सडक के किनारे छोड दिया। उसने यह भी नहीं देखा कि बच्चा जीवित है या नहीं।
इसके पहले ढिल्लों ने इस बात को स्वीकार किया था कि उसने गुरशान के शव को फेंका। हालांकि उसने इस बात से इनकार कर दिया था कि उसने जानबूझकर गुरशान को नुकसान पहुंचाया। कोर्ट की ओर से जारी दस्तावेजों में बताया गया है कि ढिल्लों ने गुरशान को बेहोश देखा। गुरशान की मां हरप्रीत चन्ना ने बताया कि जिस दिन उसकी मौत हुई , उसने कुछ भी नहीं खाया था। ढिल्लों ने जमानत के लिए याचिका नहीं दायर की। उसे हिरासत में भेज दिया गया है, जहां से उसे 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा।
दस्तावेजों में कहा गया है कि गुरशान अपनी मौत के कुछ दिन पहले से ठीक से खाना नहीं खा रहा था। दस्तावेजों के मुताबिक ढिल्लों की पत्नी सिमरजीत कौर ने गुरशान के जमीन पर गिरने की आवाज सुनी और अपने पति को उसे गोद में लिए खडे देखा। पत्नी ने ढिल्लों से पूछा कि क्या हुआ , इस पर उसने कहा कि गुरशान उसकी गलती की वजह से गिर गया। दस्तावेजों में बताया गया है कि जब उसकी पत्नी ने कहा कि मैं गुरशान की मां को बुलाती हूं, तो ढिल्लों ने उसे ऐसा करने से मना करते हुए उसे कार की चाबियां लाने को कहा। उसके बाद उसने बच्चे को कार में डाला और लगभग तीन घंटे तक यहां-वहां घूमता रहा। गुरशान की मां हरप्रीत चन्ना ने बताया कि जिस दिन उसकी मौत हुई, उसने कुछ भी नहीं खाया था। ढिल्लों ने जमानत के लिए याचिका नहीं दायर की। उसे हिरासत में भेज दिया गया है, जहां से उसे 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा। |
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