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वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक की खोज करने का दावा किया है कि जिससे गंभीर रूप से पक्षाघात से प्रभावित व्यक्ति दिमाग में क्या सोच रहे हैं इसका पता चल जाएगा। ‘द जर्नल आफ न्यूरल इंजीनियरिंग’ की रिपोर्ट के अनुसार उताह विवि के शोधार्थियों के एक दल ने पक्षाघात से प्रभावित एक व्यक्ति के सिर के ऊपर 16 माइक्रोइलेक्ट्रोड्स लगाकर उसके दिमाग से प्राप्त संकेतों को शब्दों में परिवर्तित करने में सफलता प्राप्त की है। दल में शामिल एक वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर ब्रैडली ग्रेजर ने कहा कि हमने एक उपकरण की मदद से पक्षाघात से प्रभावित एक व्यक्ति के दिमाग में चल रहे संकेतों को शब्दों में कूटानुवाद करने में सफलता प्राप्त की है। यह खोज पक्षाघात से प्रभावित व्यक्तियों के लिए वरदान के समान है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि चूंकि इस तकनीक में अभी और सुधार की आवश्यकता है इसलिए पक्षाघात के कारण बोलने में अक्षम व्यक्तियों पर क्लीनिकल परीक्षणों में अभी और समय लगेगा। वैज्ञानिकों ने अपने इस शोध के दौरान इस बात का प्रदर्शन किया कि दिमाग के संकेतों को कम्प्यूटर के माध्यम से शब्दों में बदलना संभव है। परीक्षण के दौरान वैज्ञानिकों ने पक्षाघात से प्रभावित एक व्यक्ति के सिर के ऊपर बहुत छोटे इलेक्ट्रोड्स लगाए। ऐसा इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि इस व्यक्ति के सिर के ऊपरी परत को अस्थाई रूप से हटा दिया गया था ताकि इलेक्ट्रोड्स को उसमें लगाया जा सके।
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