मील लंबी सडकें बनाएंगे जो पूरी दुनिया का छह चक्कर लगा सकने की क्षमता वाली होंगी। अमरीका में मंदी के बाद आयी बेरोजगारी अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुयी है।अर्थव्यवस्था में धीमा सुधार ओबामा सरकार के लिए खासा सिर दर्द बना हुआ है। इसके कारण खुद ओबामा की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से नीचे जा रहा है। एक नवंबर के पहले सप्ताह में देश में प्रनिधिसभा के लिए मध्यावधि चुनाव होने हैं। विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी इस मुद्दे को ओबामा के खिलाफ भुनाने में लगी है। ओबामा सरकार के प्रस्तावित करों से संबधित सुधारों का मुख्य केन्द्रबिदु औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास कार्यों के लिए कर छूट का दायर और समयावधि बढाया जाना है। अमरीकी कांग्रेस में इन प्रस्तावों को पारित कराने के लिए श्री ओबामा जी जान से जुटे हैं। उनका मानना है कि इससे राजकोषीय घाटे में इजाफा नहीं होगा।
विशेषज्ञों का मानना है
ओबामा सरकार के प्रस्तावित करों से संबधित सुधारों का मुख्य केन्द्रबिदु औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास कार्यों के लिए कर छूट का दायर और समयावधि बढाया जाना है। हांलाकि आर्थिक विश्लेषकों की राय में इस आर्थिक सुधारों का तत्काल कोई असर अमरीकी अर्थव्यवस्था पर नहीं पडेगा। इसमें थोडा वक्त लगेगा।
आगे भी जारी रहेगा अभियानः ओबामा
ओबामा का मानना है कि ढांचागत क्षेत्र में बडे पैमाने पर निवेश से देश में रोजगार के नए असवर पैदा होंगे। वह एक निश्चित आयवर्ग के लोंगों के लिए करों में छूट की बुधवार को क्लीवलैंड में घोषणा करने जा रहे हैं। इसके अलावा तेल कंपनियों को टैक्स में मिली छूट को खत्म करने का भी उनका इरादा है।
नौकरियां खत्म होंगीः रिपब्लिकन पार्टी
विरोधी रिपब्लिकन सीनेटरों ने इन प्रस्तावों पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है। हमें और ऐसे राहत पैकेजों की जरूरत नहीं है जो राजकोषीय घाटे में इजाफा करें। ओबामा सरकार की यह योजनाएं नौकरियां खत्म करने वाली है न की बेरोजगारी।