लंदन । स्पॉट फिक्सिंग में फंसे पाकिस्तान के युवा तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर की कम उम्र को देखते हुए बेशक उनके प्रति नरमी बरतने की बात की जा रही है, लेकिन पाकिस्तान आरोप साबित होने पर अपने गेंदबाज को किसी प्रकार की रियायत न देने की मांग करेगा।
पीसीबी के एसोसिएट मैनेजर शफकत राणा ने कहा कि कम उम्र के कारण आमिर को किसी प्रकार की रियायत देने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि फिक्सिंग जैसे मामले में उम्र का कोई लेना-देना है। उन्होंने कहा कि अगर यह साबित होता है कि आमिर ने कानून तोडा है, तो उसे किसी भी अन्य खिलाडी की तरह सजा मिलनी चाहिए। केवल 18 वर्ष का होने के नाते उनके प्रति किसी भी तरह की नरमी बरतने की जरूरत नहीं है। राणा ने कहा कि पाकिस्तान में भी लोगों की यही राय है। वहां भी सब यही चाहते हैं कि खेल सही खेल भावना के साथ खेला जाए। ज्ञातव्य है कि आमिर का नाम पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान सलमान बट और एक अन्य तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ के साथ स्पॅट फिक्सिंग में आया है।
इन आरोपों के बाद (आईसीसी) ने तीनों खिलाडियों को निलंबित कर दिया है। हालांकि आईसीसी के मुख्य कार्यकारी हारुन लोर्गट ने माना है कि आमिर के भविष्य पर कोई भी फैसला लेने से पहले उनकी उम्र को जरूर ध्यान में रखा जाएगा।
|