ग्वालियर। दलित वर्ग के लोगों को जमीन के पट्टों के साथ पैसा दिलाने का लालच देकर पटवारी ने अपात्र लोगों की नसबंदी करा दी। पटवारी द्वारा गलत तरीके से कराई गई नसबंदी की शिकायत ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर से की गई है। कलेक्टर से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
चीनौर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम भोरी में फरवरी-09 में 16 लोगों की नसबंदी पटवारी द्वारा कराई गई। जिनमें 13 लोगों के एलटीटी ऑपरेशन पहले ही हो चुके थे। इसके साथ ही एक अविवाहित की नसबंदी भी करा दी गई।
पटवारी अशोक भारती की शिकायत करने के लिए मंगलवार को पीडित व्यक्ति माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर आकाश त्रिपाठी को बताया कि पटवारी ने राज्य शासन द्वारा पुरूष नसबंदी ऑपरेशन का लक्ष्य दिया गया था। उसकी पूर्ति के लिए पटवारी ने देवेन्द्र सिंह से मिलकर लोगों को दो-दो बीघा जमीन व इंद्रा आवास योजना, बीपीएल कार्ड बंदूक के लाइसेंस व एक-एक लाख रुपए के लोन का प्रलोभन देकर नसबंदी करा दी।
नहीं मिली सहायता राशि ः जिन लोगों की पटवारी ने नसबंदी कराई उनसे उलटे एक हजार रुपए वसूले गए। पटवारी ने नसबंदी कराने के दौरान जो प्रलोभन पीडित लोगों को दिए उन्हे वह आज तक हासिल नहीं हो सके।
तेरह लोगों के हो चुके थे ऑपरेशन ः पटवारी ने ऑपरेशन 13 महिलाओं के कराए थे। उनके दो वर्ष पहले भोरी के उप स्वास्थ्य केन्द्र में ऑपरेशन हो चुके हैं। नसबंदी के बाद जो प्रमाण पत्र दिए गए उनमें जो उम्र दर्शायी गई है वह 12 से 15 वर्ष कम या अधिक है। बैजनाथ जाटव उम्र 40 वर्ष ऑपरेशन के तुरंत बाद से बीमार पड गया और कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों में आक्रोश ः पटवारी की ओछी हरकत के कारण भोरी के ग्रामीणों में उसके प्रति आक्रोश है। पटवारी के इस कृत्य के खिलाफ आवाज बुंलद करते हुए भोरी के ग्रामीणों ने कलेक्टर से पटवारी अशोक भारती के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। कलेक्टर से मिले प्रतिनिधि मंडल में कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव रामविलास गोस्वामी, रामबाबू जाटव, विजय आदित्य प्रधान, ग्राम भौरी की उपसरपंच श्रीमती नयनेश प्रधान, रामगिरी गोस्वामी, विजय सिंह जाट, कैलाश श्रीवास्तव, मेवाराम जाटव, नरेन्द्र सिंह शामिल हैं। |