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हडताल: करोडों का नुकसान
On 9/8/2010 3:01:54 PM

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ग्वालियर। भारत सरकार की जन-श्रम विरोधी नीतियों व मंहगाई के कारण शहर के अधिकांश शासकीय अधिकारी तथा कर्मचारियों ने मंगलवार को विरोध जताकर समस्त शासकीय विभागों में काम बन्द रखा। विभागों में मौजूद टड यूनियनों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक साथ हडताल कर दी। जिससे इन विभागों से जुडे शहरवासियों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पडा।

1 हजार से अधिक कर्मचारी रहे हडताल परः मंगलवार को हुई हडताल में आयकर विभाग के आयकर कर्मचारी महासंघ के 125 कर्मचारी, बीएसएनएल एम्पलाइज यूनियन के लगभग 130 कर्मचारी, डाकघर में 350 कर्मचारी,सीटू के 80 कर्मचारी, एजी ऑफिस के 50 से अधिक कर्मचारी, नारकोटिक्स के 75 से अधिक कर्मचारी, विभिन्न बैंकों के लगभग 350 कर्मचारी, पुरातत्व विभाग के 110 कर्मचारी तथा रेलवे विभाग के लगभग 125 कर्मचारियों के संगठन शामिल हैं।

बैंकें भी रही प्रभावितः टड यूनियन के साथ शहर की अधिकांश बैंकों के लगभग 300 से अधिक कर्मचारी हडताल पर रहे। राष्ट्रीयकृत बैंकों में अधिकारी व समस्त कर्मचारियों ने काम बन्द कर अपना विरोध व्यक्त किया। नया बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक यूनियन के सदस्यों ने बताया कि राशि जमा तथा आरहण का कार्य पूर्णतः बन्द रहेगा। जिससे लगभग ढेड से ढाई कारोड रुपए का नुकसान होगा।

इन बैंकों में चला कामः मंगलवार को हुई हडताल का असर कुछ बैंकों में देखने को नहीं मिला। जिसमें बैंक ऑफ इंडिया की किसी भी शाखा में कर्मचारियों द्वारा काम बन्द नहीं किया गया। साथ ही भारतीय स्टेट बैंक की कुछ शाखाओं में थोडा-बहुत कार्य किया गया। इन बैंकों में किसी भी अन्य बैंक के चैक नहीं लगाए गए। साथ ही यहां किसी भी यूनियन ने अपना विरोध नहीं दिखाया।

मांगों को लेकर आयकर विभाग रहा बन्दः आयकर विभाग में आयकर कर्मचारी महासंघ ने भी 10 मांगों को लेकर मंगलवार को काम बन्द रखा। महासंघ के सचिव बीएस मीणा ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर ग्वालियर के साथ-साथ गुना, शिवपुरी तथा छतरपुर के लगभग 125 कर्मचारियों ने एकजुट होकर हडताल को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांग फिर भी पूरी ना की गई तो हडताल का यह दौर फिर चालू किया जाएगा। हडताल में महासंघ के अतिरिक्त महासचिव श्याम सुन्दर शर्मा, अध्यक्ष मनोज याज्ञनिक, उपाध्यक्ष दिनेश कुमार, संयोजक बीएल मीणा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

बीएसएनएल विभाग पर कर्मचारी आक्र*ोशितः केन्द्रीय टड यूनियन संगठन एवं ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ बीएसएनएल यूनियन्स के आब्हान पर मंगलवार को विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने हडताल कर अपना विरोध दर्ज कारया। हडताल में बीएसएनएल ईओ के जिला सचिव बी एन कौशिक, राधेश्याम, एके दुबे, आरके बाजपेयी, डीएस रघुवंशी आदि शामिल थे।

एटीएम पर लगीं कतारेंः बैंक की हडताल से जहां शाखाओं पर काम-काज बन्द रहा वहीं नगर में स्थापित एटीएम पर एटीएमधारकों की लम्बी-लम्बी कतारें देखने को मिली। कुछ ग्राहक हडताल से तो कुछ ग्राहक खराब एटीएम मशीनों के कारण पूरे दिन परेशानियों से जूझते रहे।

पोस्ट ऑफिसों पर कर्मचारियों ने किया विरोधः विभिन्न विभागों की तरह डाकघर विभाग के कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर आक्र*ोशित दिखे। इन कर्मचारियों ने भी सरकार की जन-श्रम विरोधी नीतियों तथा मंहगाई को लेकर घण्टों विरोध जारी रहा साथ ही कामकाज भी बाधित रहा।

क्यों हुआ विरोध

अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा की गई हडताल का मुख्य कारण सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण तथा विलय, नियमित बढती मंहागाई, उद्योगों में सार्वजनिक निवेश की कमी, शासकीय कार्यो में बाहर से सोर्स का लगना, ठेकेदारों द्वारा श्रम कानून का उल्लंघन, निजी बैंकों को आसानी से लायसेंस प्रदान करना, विदेशी पूंजी को शासकीय बैंकों में निवेश, विभागों में रिक्त स्थान होने के बाद भी भर्ती ना करना तथा श्रम कानून के लागू होने में विलंब आदि समस्याएं हैं।

रेल डाक सेवा रही बन्द

मंगलवार को हुई हडताल में रेल डाक सेवा पूर्ण रुप से बन्द रखी गई। इस दौरान ना तो रेल से कोई डाक उतारी गई और ना ही कोई डाक भेजी गई। साथ ही रेलवे डाक घर पर काम बन्द रहा।

नारकोटिक्स विभाग भी रहा प्रभावित

सरकार के प्रति कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए नारकोटिक्स विभाग भी हडताल के असर से अछूता नहीं रहा। यहां पर भी समस्त कर्मचारी मंहगाई को लेकर पूरे दिन हडताल पर बैठे रहे।

एलआईसी पर भी जारी रही हडताल

सीटू, इंटक एटक, नौ राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन के साथ-साथ एलआई सी में भी हडताल जारी रही। सिटी सेन्टर स्थित कार्यालय पर भी सरकार की जन-श्रम विरोधी नीतियों का विरोध होता रहा।

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