ग्वालियर । बुधवार को घडी में जब पांच बजकर छह मिनट सात सेकण्ड होंगे, तो पांच से लेकर दस तक के अंकों का एक अद्भुत संयोग देखने को मिलेगा। शहरवासी अंकों के इस अद्भुत संयोग को जादुई आंकडे के रूप में देख रहे हैं, हालांकि शहर के ज्योतिषी इस घटना को महज एक अंकों का संयोग मान रहे हैं। उनके मुताबिक इसका ज्योतिष से कोई लेना-देना नहीं है।
5 बजकर 6 मिनट सात सेकेण्ड, आठ तारीख, नवां महीना और सदी का दसवां साल, यानि की 5,6,7,8,9, 10 सभी अंक एकक्रम में होंगे। अंकों के दर्शन और ज्योतिष में विश्वास करने वाले लोग इसे एक सुखद संयोग मानकर चल रहे हैं। ज्योतिष में अंकों का विशेष महत्व होता है। अंक ज्योतिष के मुताबिक प्रत्येक अंक का स्वामी ग्रह होता है। पांच अंक का स्वामी ग्रह बुध है। इसी दिन फाल्गुनी नक्षत्र एवं भाद्रपद अमावस्या होने से लोग इस आंकडे को अदभुत फलकारी मानकर चल रह हैं।
क्या कहते हैं ज्योतिर्विद
यह अंकों का संयोगमात्र है, इसे ज्योतिष गणना से जोडना उचित नहीं हैं। पहले भी कई बार अंकों के ऐसे संयोग सामने आ चुके हैं, जिनसे एक क्षण में किसी की किस्मत नहीं बदलती है।
एचसी जैन, ज्योतिर्विद
अंकों का संयोग कोई नई बात नहीं है। ऐसे संयोग पहले भी देखने को मिले हैं तथा आगे भी आते रहेंगे। मैं तो यही कहूंगा कि लोग इसे लेकर अपने मन में तरह-तरह की भ्रांतियां न पालें। इससे कोई बदलाव होने वाला नहीं है।
सुनील जोशी, जुन्नरकर
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