| | बागदी में बही बस, 60 मरे | | | |
|  | | | |
| | |
खातेगांव /देवास। मध्यप्रदेश में पुनः सक्रिय हुए मानसून ने कहर ढा दिया। देवास की बागची नदी में एक बस के बह जाने से करीब 60 लोगों के मारे जाने की आशंका है। बस में 100 से अधिक यात्री सवार थे। समाचार लिखे जाने तक एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक करीब 30 यात्रियों के शव निकाले जा चुके थे, जबकि 10 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका था। बस में अधिकांश तीर्थ यात्री सवार थे। अमावस्या के अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु पवित्र नर्मदा नदी में स्नान के लिए नेमावर आते हैं। इसी कारण इस बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही जोरदार बारिश के कारण नदी नाले उफान पर हैं। बुधवार को शाम 5.30 बजे कन्नौद की सिसौदिया बस सर्विस की बस नेमावर से चापडा जा रही थी। रास्ते में बागदी नदी के पुल पर पानी भरा हुआ था, लेकिन बस चालक ने दुस्साहस दिखाते हुए बस पुल पर डाल दी और तेज बहाव के कारण संतुलन बिगडने से बस बह गई।
राहत और बचाव कार्य जारी
सूत्रों के अनुसार खबर लिखे जाने तक 10 लोगों को जिंदा बचा लिया गया था, इसके अलावा 30 लाशें भी निकानी जा चुकी थीं। देवास कलेक्टर डा. पुष्पलता सिंह के मुताबिक राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। सही स्थिति की जानकारी बाहत कार्य पूरा होने के बाद ही दी जा सकेगी।
100 से अधिक यात्री थे बस म सवार
बस में कितने यात्री सवार थे इस पर असमंजस बना हुआ है। अपुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बस में करीब 100 से अधिक यात्री सवार थे। स्थिति यह थी कि कुछ लोग बस की छत पर भी सवार थे।
प्रशासन की कार्यप्रणाली से खफा लोग
दुर्घटना के कारण लोंगों में खासा गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यहां बसों में सवारियों को जानवरों की तरह ठूंस कर भरा जाता है। प्रशासन की बस चालकों पर कोई नियंत्रण नहीं है। |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
| |