| | वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण जरूरी | | | |
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नई दिल्ली । बडे पैमाने पर वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण की खबरों के बीच अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद ने मुद्दे के समाधान के लिए इस तरह की संपत्तियों के पंजीकरण का पक्ष लिया। हम हम वक्फ की बिक्री को खत्म करना चाहते हैं क्योंकि बिक्री का दुरुपयोग हो रहा है। हम वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण चाहते हैं, ताकि रिकॉर्ड रखा जा सके। यदि लोगों को इससे समस्या है तो हम बातचीत करने को तैयार हैं। मंत्री ने मौजूदा वक्फ अधिनियम में संशोधन के जरिए वक्फ संपत्ति प्रबंधन में सुधार के लिए सरकार के हाल के कदमों का उल्लेख किया।
वक्फ संशोधन विधेयक 2010 को कुछ मुस्लिम सांसदों और अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के विरोध के चलते एक चयनित समिति के पास भेजा जाएगा। इस विधेयक में मौजूदा वक्फ अधिनियम 1995 में संधोधन की बात कही गई है। अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड का नजरयिा है कि वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण आवश्यक बनाने वाले विधेयक से बाबरी ढांचे पर मुस्लिमों के दावे पर असर पडेगा, लेकिन अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय ने इस तर्क का जोरदार खंडन किया है।
यह स्वीकार करने से इंकार करते हुए कि कांग्रेस वक्फ सुधारों के मुद्दे पर राजनीतिक कारणों से कदम पीछे खींच रही है * खुर्शीद ने कहा कि सरकार वक्फ प्रबंधन पर मौजूदा कानून में सुधार लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हम सुधार लाने की कोशिश कर रहे हैं। लोकसभा ने इसका समर्थन किया। राज्यसभा में बहुत से सांसदों ने इस पर पुर्विचार की बात कही। हमने कहा बहुत अच्छा इसे चयनित समिति को भेजिए। वक्फ संपत्तियों के अतिक्रमण के मुद्दे पर उन्होंने याद किया कि दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वक्फ बोर्डों की जमीन पर हुए अतिक्रमण को खाली कराने के लिए एक बार सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था।
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