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मेलबर्न। तीन वर्षीय बच्चे गुरशान सिंह चन्ना की हत्या के आरोपी गुरसेवक ढिल्लों की पत्नी का दावा है कि जब बच्चे को उसके पति ने सडक किनारे फेंका था , तब वह जीवित था। ढिल्लों ने चार मार्च को लगभग तीन घंटे तक बच्चे को अपनी कार में लेकर इधर-उधर घुमाया और उसके बाद उसे सडक किनारे फेंक दिया।
ढिल्लों ने अपनी पत्नी सिमरजीत कौर को बताया कि जब उसने बच्चे को फेंका , तब वह जीवित था, लेकिन हिलडुल नहीं रहा था। ‘द एज’ ने सिमरजीत के वक्तव्य के हवाले से कहा है कि अगले दिन ढिल्लों ने मुझे बताया कि जब उसने बच्चे को कार में डाला, तब वह जिंदा था क्योंकि उसकी आंखों में हलचल हो रही थी। उसने बताया कि बच्चे की आंखों में तब भी हलचल थी, जब उसने उसे घास में फेंका, पर उसके शरीर में कोई गतिविधि नहीं थी, लेकिन आंखों की हलचल बता रही थी कि वह जिंदा है।
ढिल्लों ने मंगलवार को मेलबर्न मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने अपना दोष स्वीकार कर लिया है। उस पर आपराधिक उपेक्षा के कारण नरसंहार का आरोप लगा है। सिमरजीत ने कहा कि मेरे पति ने सोचा कि उसे बच्चे को अस्पताल ले जाना चाहिए , लेकिन उसे डर लगा कि उससे बहुत सारे प्रश्न पूछे जाएंगे।
इसके बाद उसने सोचा कि अगर वह बच्चे को जीवित छोड देगा तो वह किसी और को मिल जाएगा और वह उसे अस्पताल ले जाएगा। सिमरजीत के वक्तव्य के मुताबिक लेकिन जब तक बच्चे को किसी और ने देखा , जब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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