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संयुक्त राष्ट्र। नेपाल में संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष दूत ने कहा है कि वहां प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों के बीच बढते अविश्वास से शांति प्रक्रिया बाधित हुई है और इससे दीर्घकालिक शांति को खतरा हो सकता है। सुरक्षा परिषद के समक्ष ब्रीफिंग में नेपाल में संयुक्त राष्ट्र के शांतिरक्षक बल (यूएनएमआईएन) की प्रमुख करीन लांदग्रेन ने स्थिति को नेपाल की शांति प्रक्रिया को हतोत्साहित करने वाली तस्वीर करार दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक नेतृत्व प्राथमिकताओं का निर्धारण फिर से करे और इस प्रक्रिया को अपनी राजनीतिक सक्रियता के आगे तथा केंद्र में रखने के लिए तैयार हो तो इस प्रक्रिया को पटरी पर लौटाया जा सकता है।
करीन ने मंगलवार को कहा था कि एक स्पष्ट और भरोसेमंद वार्ता प्रणाली स्थापित करने के लिए अभी देर नहीं हुई है। सरकार और विद्रोही माओवादियों के बीच एक दशक तक चले असैन्य संघर्ष का समापन 2006 में हुआ और तब से शांति प्रक्रिया में खामियां नजर आई हैं। नेपाल पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून की नई स्थिति रिपोर्ट इस बात को उजागर करती है कि शांति प्रक्रिया अधूरी है तथा पार्टियां नया संविधान बनाने में विफल रहीं हैं। उन्होंने इस बात की ओर भी इशारा किया कि जहां दोनों पक्ष लंबे समय तक एक साथ नहीं रह सकते वहां दो सेनाएं ‘नेपाली सेना’ तथा ‘माओवादी सेना’ अब भी देश में हैं। हालांकि नेपाल का कहना है कि नेपाल पर बान की ताजा रिपोर्ट में जमीनी स्थिति नहीं झलकती। |