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भोपाल। दिल्ली के रोहिणी इलाके में सरस्वती अपाटमेंट में रहने वाले चंद्रप्रकाश गुप्ता ब्रिटिश प्राचीन मुद्राओं के शौकिया संग्राहक ह। उन्होंने करीब पांच साल में इनका संग्रह किया है। वे अहमदाबाद में 21 से 23 अगस्त तक आयोजित प्राचीन मुद्राओं की तीन दिनी प्रदर्शनी में भाग लेने के बाद मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर घुमने निकले थे। वे ओंकारेश्वर घुमने के बाद रविवार को भोपाल आए थे। यहां हमीदिया रोड स्थित होटल बिंदल में रूम न. 123 में रूके थे।
अमूल्य हैं मुद्राएं
गुप्ता ने बताया कि आरोपी जो विदेशी मुद्राओं का कलेक्शन ले गए ह उसकी इंटरनेशनल मार्केट में कीमत सात सौ करोड रुपये के आस पास है। आरोपी सत्तर हजार रुपये नगद भी ले गए ह।
अंजान लोग आ रहे थे मिलने
गुप्ता बताया कि गुजरात में उनकी मुलाकात अपने को डॉ . आर्य बता रहे एक व्यक्ति से हुई थी। उसने वादा किया था कि वह कुछ और प्राचीन मुद्राएं उन्हें दिलवाएगा। डॉ. आर्य के बारे में गुप्ता और कुछ नहीं जानते। डॉ. आर्य ने उन्हें फोन पर बताया था कि दो लोग उससे इस बारे में आकर प्राचीन मुद्राओं के सिलसिले में मिलेंगे। गुप्ता ने उनसे पहचान पूछे बगैर ही दो दिन बात की थी।
लुटेरों को पहले से थी जानकारी
लुटेरों को होटल के बारे में पल पल की खबर थी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि लुटेरे होटल में ऑटों से उतरे। उन्होंने ऑटो वाले को पैसे दिए। इसके बाद वह सीधे होटल के प्रथम तल पर पहुंचकर रूम न . 123 की तरफ गए। फुटेज में तीन आरोपी नजर आ रहे हैं। एक आरोपी लूटपाट करने के बाद अटैची व बैग ले जाता हुआ भी नजर आ रहा है।
15 हजार का इनाम घोषित
पुलिस महानिरीक्षक ने होटल बिंदल में लूट करने वाले आरोपियों पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। शाम को मामले में प्रारंभिक जांच के बाद आईजी भोपाल जोन शैलेंद्र श्रीवास्तव ने घोषणा की।
डॉग स्क्वाड पहुंचा मौके पर
दुर्लभ मुद्राओं की लूट की जांच करने शाम चार बजे पुलिस के डीएसपी रेंक का डॉग स्क्वाड का मौके पर पहुंचा । वह रूम न . 123 में सुराग को पलंग व बाथरूम में सूंघ कर बाहर निकला,लेकिन नीचे उतरकर वह रूक गया।
ऑटो चालक को पकडा
पुलिस ने उस ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया है। जो होटल में आरोपियों को छोडने गया था। सीसी टीवी फुटेज में ऑटो नंबर साफ - साफ नजर आ रहा था। इसी क्रम में जांच के बाद पकडा है। |