| | भीगती रही राजधानी | | | |
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भोपाल। बुधवार को पूरे दिन जोरदार बारिश से राजधानी भीगती रही। तेज बारिश से सडकें तरबतर हो गईं। कई इलाकों में घरों में पानी भरने की सूचना है। हालांकि शाम होने के बाद बारिश का सिलसिला थमता नजर आया। पिछले चौबीस घंटों के दौरान शहर में जहां 5.4 मिमी बारिश हुई थी, वहीं बुधवार को 6.8 मिमी बारिश हुई।
उमस से मिली राहत
शहर में लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों को उमस से राहत मिली है। बुधवार को अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था, इसी प्रकार न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक के साथ 23.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
बार -बार बदला मौसम का रुख
बुधवार को मौसम का रुख कई बार बदलते देखा गया। सूर्योदय से पूर्व शहर में बारिश होती रही , लेकिन सूर्योदय के बाद पानी गिरना बंद हो गया था। हालांकि बादल बरसने को तैयार थे। देखते ही देखते सुबह साढे नौ बजे तेज बारिश से शहर भीग गया। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे काली घटाएं छा गईं और फिर तेज बारिश होने लगी। यह सिलसिला सूर्यास्त तक चलता रहा।
साउथ -ईस्ट एमपी में है सिस्टम
साउथ -ईस्ट एमपी में मानसून का सिस्टम बना हुआ है जिसका असर अगले चौबीस घंटे के दौरान देखने को मिल सकता है। इस दौरान साउथ एमपी के कई क्षेत्रों में नार्थ एमपी के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।
जाम से लोग हुए परेशान
बारिश इतनी तेजी से हुई कि लोगों को बचने तक का मौका नहीं मिला। लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के हबीबगंज अंडरब्रिज में पानी भर गया। रेलवे फाटक बंद होने के कारण होशंगाबाद रोड पर एक घंटे तक जाम लगा रहा। इसी प्रकार भोपाल टाकीज शाहजहानांबाद , बस स्टैण्ड, पुतली घर, काजी कैम्प आदि क्षेत्रों में बारिश का पानी भर जाने के कारण जाम की स्थित बनी रही। उधर स्लम क्षेत्रों की झुग्गियों में पानी भर गया।
सामान्य से 383 मिमी कम बारिश
भोपाल। राजधानी में औसत आंकडा छूने के लिए 383.0 मिमी बारिश की दरकार है। एक जून से अब तक भोपाल में 580.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि अब तक 963.2 मिमी बारिश हो जानी थी। इस तरह से भोपाल में सामान्य से 383.0 मिमी बारिश हुई है। अगस्त माह सामान्यतः जुलाई के माह के जैसा रहता है। आसमान पर बादलों का डेरा था, लेकिन अच्छी बारिश नहीं हो सकी। जिससे लोगों को सितम्बर में भारी बरसात की आस लगी हुई थी। हालांकि प्रदेश के ऊपरी सतह में सिस्टम बने होने के कारण भोपाल सहित पूरे संभाग में अच्छी बारिश की संभावना व्यक्त की जा रही है।
थमा बडी झील का जल स्तर
पिछले तीन दिन से हो रही बारिश के बाद भी बडी झील के जल स्तर में कोई सुधार नहीं देखा जा रहा है। बडी झील की जलभरण क्षमता 1660.80 फुट है, लेकिन अभी तक 1657.55 फुट पानी भर सका है। इस माह के पहली तारीख को बडी झील का कुल जल स्तर 1657.60 फुट था। उसके बाद जल स्तर गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। बुधवार को जल स्तर घटकर 1657.55 फुट पर अटक गया। जबकि कोलार डेम के जल स्तर में लगातार सुधार देखा जा रहा है। एक सितम्बर को वहां का जल स्तर 450.25 मीटर था जबकि एक सप्ताह बाद बुधवार को जल स्तर बढकर 451.31 मीटर पर पहुंच गया है। इस तरह से कोलार डेम के जल स्तर में एक मीटर की बढोत्तरी हुई है वहीं बढी झील का जल स्तर .50 फुट नीचे पहुंच गया है। |
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