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भोपाल। बोर्ड आफिस चौराहे से लेकर हबीबगंज स्टेशन तक सडक चौडीकरण के रास्ते में आने वाले पेडों को काटने का काम शुरू हो गया है। दो दिनों में इस दौरान करीब 50 से अधिक पेडों को काटा जा चुका है। अभी और पेडों को काटा जाना है। ऐसे में सवाल यह उठ खडा हुआ है कि ननि ने पेडों को काटने के बदले में कितने पेड कहां लगा रही है।
सितंबर तक आने वाली बसों को सकुशल चलाने के लिए रूट का चौडीकरण जरूरी है , पर नगर निगम ने पहले यह तय क्यों नहीं किया कि पेडों को काटने से पहले बाकी स्थानों पर उसी अनुपात में पेड लगा दिए जाएं। यदि ऐसा होता तो बारिश बाद काफी हद तक हरियाली आ जाती। इसके बजाय ननि ने बारिश के समय में पेडों को काटना शुरू किया है। नगर निगम की इस लापरवाही पर किसी का ध्यान नहीं है।
पेडों के बदले पेड लगाना अनिवार्य
वन नियमों में स्पष्ट है कि यदि जरूरी शासकीय प्रयोजन से पेडों को काटा जाता है तो उसकी स्थान पर कम से कम एक पेड के बदले पांच पेड अनिवार्य रूप से लगाया जाए। जब ननि ने ऐसा कुछ भी नहीं किया है। इस बारे में कोई बताने के लिए भी तैयार नहीं है। इस वजह से स्पष्ट नहीं हो सका कि ननि इन पेडों के बदले में क्या कर रही है।
दो अलग मापदंड क्यों
यदि कोई सामान्य व्यक्ति पेड काटता है तो उस पर वन अधिनियमों के तहत कार्रवाई होती है , इसके बदले में शासकीय विभागों को जरूरी प्रयोजन की छूट मिली है। पर मापदंड अलग क्यों है। एक के बदले पांच पेड लगाने की छूट आम लोगों को क्यों नहीं है। इस पर भी सवाल खडे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने इसकी जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। |