मुंबई । बैंकिंग क्षेत्र में बडे बदलाव की तैयारी चल रही है। हो सकता है कि आने वाले दिनों में आपको बचत खाते पर मौजूदा दर से ज्यादा ब्याज मिले या ये भी मुमकिन है कि ब्याज दरें कम कर दी जाएं।
रिजर्व बैंक ने बचत खाते की ब्याज दरों को नियंत्रण मुक्त करने का मन बना लिया है। इस पर विचार के लिए जल्द ही एक कार्य समूह गठित किया जाएगा। रिजर्व बैंक की डिप्टी गवर्नर उषा थोरट ने कहा कि ब्याज दरों को नियंत्रणमुक्त करना हमारे राडार में है। वर्तमान में बचत खाते पर 3.5 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर ही एकमात्र ऐसी ब्याज दर है जिसपर रिजर्व बैंक का नियंत्रण है।
ग्राहकों पर असर
ब्याज दरों को नियंत्रण मुक्त करने का आम आदमी पर दो तरफा प्रभाव हो सकता है। बैंकों के लिए ग्राहकों को दिए जाने वाला ब्याज हमेशा से ही परेशानी का सबब रहा है। ऐसे में हो सकता है कि बैंक इस दर को कम कर दें। लेकिन यह भी संभावना है कि खुद को आगे रखने के लिए बैंकों के बीच होड शुरू हो जाए, अगर ऐसा होता है तो आम ग्राहक को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। |