जाने-माने फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल का मानना है कि भारतीय दर्शक एक के बाद एक गम्भीर फिल्में देखकर बोर हो चुके हैं और अब वे हास्य भरी हल्की-फुल्की फिल्में देखना चाहते हैं। सूत्रों के अनुसार बेनेगल ने बताया ‘मेरे जैसे फिल्म निर्देशकों ने 70 के दशक में शुरुआत कर गंभीर विषयों पर फिल्में बनाई थीं। हालांकि वे कामयाब भी हुई थीं, लेकिन कुछ समय बाद दर्शक वैसी फिल्मों से ऊब गए थे। फिलहाल हम दर्शकों से जुडने के लिए ब्लैक कॉमेडी और व्यंग्य जैसी रचनात्मक रणनीतियों का इस्तेमाल करते हैं।’ गौरतलब है कि ‘अंकुर’ और ‘निशांत’ जैसी वेदनापूर्ण फिल्में बनाने वाले बेनेगल ने अपनी हाल की फिल्मों ‘वेलकम टू सज्जनपुर’ और ‘वेल डन अब्बा’ में व्यंग्य का तडका डाला है।
बेनेगल कहते हैं कि फिल्म में जब किसी गम्भीर मुद्दे को हास्य से जोडा जाता है तो दर्शक उसे आसानी से अपनाते हैं। ‘पीपली लाइव’ और ‘तेरे बीन लादेन’ में भी प्रहसन और व्यंग्य के तत्वों का इस्तेमाल किया गया है और ऐसी फिल्में काफी कमाई भी करती हैं। |