ग्वालियर । मध्यप्रदेश परिवहन विभाग से अस्थाई परमिट पर चलने वाले यात्री बसों के प्रवेश पर उत्तरप्रदेश ने रोक लगा दी है। यह बसें अब उप्र की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगी। इससे यात्रियों को खासी परेशानियां हो रही हैं। परिवहन विभाग इसका हल निकालने की तैयारी में जुट गया है। मप्र परिवहन विभाग का दल विशेष चर्चा हेतु 9 सितंबर को लखनऊ जाएगा।
मध्यप्रदेश एवं उत्तरप्रदेश की सीमा के अंदर लगने वाली यात्री बसों के संबंध में सन् 2000 में दोनों प्रदेशों के बीच परिवहन करार हुआ था, जिसमें तय हुआ था कि मध्यप्रदेश परिवहन विभाग से अस्थाई परमिट प्राप्त करने वाली बसें ही उप्र की सीमा में प्रवेश कर सकेंगी। यह करार करीब दस साल तक चलता रहा, लेकिन उत्तरप्रदेश परिवहन विभाग ने अचानक इन बसों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अस्थाई परमिट से चलने वाली बसें यहां पर प्रवेश नहीं करेंगी। केवल उन्हीं बसों को प्रवेश मिलेगा, जिन्हें मप्र सडक परिवहन विभाग से स्थाई परमिट दिया गया हो। लेकिन यह संभव नहीं है, क्योंकि सपनि की सेवा समाप्त होने वाली है और स्थाई परमिट नहीं दिया जा सकता। मप्र परिवहन विभाग मामले को सुलझाने में जुट गया है। इसको लेकर परिवहन आयुक्त एसएस लाल ने उपायुक्त दिलीप कुमार को जिम्मेदारी सौंपी है। उनके नेतृत्व में 9 सितंबर को एक दल लखनऊ के लिए रवाना होगा, जो पूरे मामले पर उप्र परिवहन विभाग से चर्चा कर कोई हल निकलने का प्रयास करेंगे। गृह विभाग के प्रमुख सचिव राजन कटोच पूरे मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। वह उप्र सरकार से भी चर्चा करने के लिए तैयार हैं कि इसका किसी तरह समाधान निकाला जाए।
यह विभागीय स्तर का कार्य है, इस मामले को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बहुत जल्द इस मामले का निराकरण कर लिया जाएगा।
एसएस लाल
आयुक्त, मप्र परिवहन विभाग
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