ग्वालियर । लंबे समय से हवाई सेवा से वंचित चल रहे ग्वालियर को अब विमान सेवा मिलने की आस जाग गई है। मप्र उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने ग्वालियर को हवाई सेवा योग्य माना है। साथ ही हवाई सेवा शुरू नहीं करने के मामले में शासन को लताड लगाते हुए उक्त मामले में सोमवार तक अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता सचिन गुप्ता ने बताया कि ग्वालियर में विमान सेवा नहीं होने के मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसकी सुनवाई मप्र उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ के न्यायमूर्ति एके श्रीवास्तव व न्यायमूर्ति बृजकिशोर दुबे की युगलपीठ में हुई। युगलपीठ ने ग्वालियर में विमान सेवा नहीं होने पर शासन को लताड लगाई और कहा कि ग्वालियर, विमान सेवा के योग्य है। यहां पर विमानसेवा शुरू होने की पूरी सुविधाएं हैं। ग्वालियर में डीआरडीई, बीएसएफ अकादमी व अन्य महत्वपूर्ण विभाग हैं, जहां से लोगों का आना जाना लगा रहता है, उसके बाद भी शहर, विमान सेवा से वंचित क्यों है? यदि शासन को इस मामले कोई आपत्ति है तो वह दर्ज कराए।
हाईकोर्ट की युक्त युगलपीठ ने ग्वालियर को पूरी तरह डेली विमान सेवा के योग्य माना है। उक्त मामले की पैरवी अधिवक्ता सुरेश अग्रवाल ने की।
सोमवार तक रखें अपना पक्षः उक्त युगलपीठ ने शासन को आखिरी वार्निंग देते हुए कहा कि शासन विमान सेवा के संबंध में सोमवार तक अपना पक्ष हरहाल में रखे। यदि विमानसेवा शुरू करने के संबंध में शासन को कोई आपत्ति है तो वह भी दर्ज कराएं। लेकिन सोमवार तक वह अपना पक्ष अवश्य रखें।
विमान सेवा क्यों नहींः शहर में तमाम सुविधाएं होने के बाद भी शहरवासी विमान सेवा से वंचित हैं। यहां पर ऐसी कोई विमान सेवा नहीं है , जिससे देश के बडे शहरों की यात्रा की जा सके। जबकि ग्वालियर में डीआरडीई, बीएसएफ टेकनपुर सहित कई संस्थाएं व जगह हैं व इनका देश में नाम है। हाईकोर्ट के इस निर्देश से शहरवासियों को विमान सेवा मिलने की आस जाग गई है। |