| | इतिहास रचने से एक कदम दूर | | | |
|  | | | |
| | न्यूयार्क। भारत के रोहन बोपन्ना और उनके पाकिस्तानी जोडीदार ऐसाम उल हक कुरैशी अपना स्वप्निल अभियान जारी रखते हुए वर्ष के आखिरी ग्रैंड स्लेम यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष युगल के फाइनल में पहुंचकर नया इतिहास रचने से सिर्फ एक कदम दूर रह गए हैं। बोपन्ना और कुरैशी के लिए यह पहला मौका है जब वे किसी ग्रैंड स्लेम टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे हैं।
16 वीं वरीयता प्राप्त बोपन्ना और कुरैशी ने बुधवार को सेमीफाइनल में गैर वरीयता प्राप्त अर्जेंटीना के एडुआर्डो श्वांक और होरेशियो जेबेलोस की जोडी को 7-6, 6-4 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। भारत और पाक की यह जोडी जब अपना सेमीफाइनल मुकाबला खेल रही थी. तो दोनों देशों के संयुक्त राष्ट्र के राजदूत भारत के हरप्रीत सूरी और पाकिस्तान के अब्दुल्ला एच हारून यह मैच देखने के लिए अतिविशिष्ट दर्शकों में मौजूद थे। पहले सेट में जोरदार मुकाबला देखने को मिला। जबर्दस्त संघर्ष के बाद यह सेट टाइब्रेक में खिंच गया। भारत-पाक जोडी ने आखिर टाइब्रेक 7-5 से जीतकर पहला सेट अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में हालांकि श्वांक और जेबेलोस ने कुछ संघर्ष करने की कोशिश की लेकिन बोपन्ना और कुरैशी ने 6-4 से यह सेट जीतने के साथ ही पहली बार ग्रैंड स्लेम के फाइनल में जगह पक्की कर ली। फाइनल में बोपन्ना और कुरैशी का मुकाबला शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिका के ब्रायन बंधुओं बाब एवं माइक से होगा। दो बार के चैंपियन बाब और माइक ब्रायन ने सेमीफाइनल में स्पेनिश जोडी मार्सेल ग्रेनोलर्स और टामी रोब्रेडो को लगातार सेटों में 6-1, 6-4 से आसानी से मात दी। कुरैशी ने कहा कि यदि मैं और बोपन्ना कोर्ट में और कोर्ट के बाहर दोस्ती की मिसाल पेश कर सकते हैं तो फिर भारतीय और पाकिस्तानी एक साथ क्यों नहीं चल सकते। यहां दोनों देशों के राजदूत एक साथ बैठे हुए हैं और उन्हें एकसाथ देखकर वाकई खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि उनकी मैच के बाद राजदूतों से बातचीत हुई थी और उन्होंने फिर फाइनल में लौटने का वादा किया है। पाकिस्तानी खिलाडी ने कहा कि हमारे लिए उनके शब्द उत्साह बढाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हम एक साथ खेलकर अच्छा काम कर रहे हैं।
और वे दोनों हमारा पूरा समर्थन कर रहे हैं।
भारत -पाक एक्सेप्रैस के नाम से मशहूर हो गई इस जोडी केबोपन्ना ने कहा कि उनके कुरैशी के साथ जोडी बनाने को सीमा के दोनों पक्षों के लोगों ने सराहा है। हम इसमें किसी तरह का राजनीतिक एंगल नहीं देख रहे हैं और हम केवल इतना करने की कोशिश कर रहे हैं कि लोगों की थोडी बहुत सोच भी बदल जाए तो हमारे लिए यह अच्छा होगा। कुरैशी ने कहा कि हमारी तरफ से यह अभी एक छोटा सा कदम है और आप जानते हैं कि यह माना जाता है कि खेल वहां तक पहुंच सकता है जहां कोई धर्म, कोई राजनीति या राजनीतिज्ञ नहीं पहुंच सकते। हमारा खेल सभी तरह की धर्म और राजनीति से ऊपर है। |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
| |