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राष्ट्रमंडल की सफलता का विश्वास
On 9/9/2010 7:42:07 PM

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नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में विलंब को लेकर आलोचनाओं से जूझ रही आयोजन समिति को चार बार के विश्व शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद के इस विश्वास से काफी राहत मिल सकती है कि दिल्ली में अक्टूबर में इन खेलों का सफलतापूर्वक आयोजन होगा। विश्व के तीसरे नम्बर के खिलाडी आनंद ने आज यहां एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में राष्ट्रमंडल खेलों के सफलतापूर्वक आयोजित होने का विश्वास व्यक्त किया। राष्ट्रमंडल खेलों के बारे में पूछे जाने पर विश्व चैंपियन ने कहा कि मेरी इन खेलों की सफलता के लिए पूरी शुभकामनाएं हैं।

यह पूछने पर कि क्या वह इन खेलों की तैयारियों में विलंब से चिंतित हैं, आनंद ने पूरी साफगोई के साथ कहा कि मैं इनके बारे में ज्यादा विवरण नहीं जानता हूं और न ही मुझे खेलों की तैयारियों को लेकर कोई विशेष जानकारी है लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि अक्टूबर में ये खेल सफलतापूर्वक सम्पन्न होंगे।

आनंद ने साथ ही कहा कि मुझे बेशक खेलों की तैयारियों पर ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन मेरी नजरें इस बात पर लगी रहेंगी कि भारतीय खिलाडी इन खेलों में ज्यादा से ज्यादा पदक जीतें। मैं भारतीय खिलाडियों को शुभकामनाएं देता हूं कि वे इन खेलों के दौरान देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतें। यह पूछने पर कि क्या वह राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान किसी समय दिल्ली में मौजूद रहेंगे, तो राष्ट्रमंडल खेलों की क्वींस बेटन रिले में हिस्सा ले चुके आनंद ने कहा कि उनके लिए यह संभव नहीं होगा क्योंकि अक्टूबर के महीने में वह स्पेन में एक बडा टूर्नामेंट खेलने में व्यस्त होंगे।

आनंद ने पिछले महीने उन्हें हैदराबाद विश्वविद्यालय द्वारा मानद डाक्टरेट डिग्री प्रदान किए जाने को लेकर उठे विवाद पर कुछ ज्यादा कहने से इनकार कर दिया। आनंद को हैदराबाद विश्वविद्यालय ने यह डिग्री प्रदान करनी थी लेकिन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आनंद की नागरिकता पर सवाल उठा दिए थे। इस बात को लेकर आनंद ने उस समय खासी नाराजगी व्यक्त की थी और इसे लेकर अच्छा खासा विवाद भी उठ खडा हुआ था। मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने खुद आनंद को फोन कर उनसे इस विवाद के लिए माफी मांगी थी और कहा था कि वह जिस तारीख को चाहें, उन्हें उस दिन यह डिग्री प्रदान की जाएगी। आनंद ने कहा कि यह मामला अब एक महीने पुराना हो चुका है और मैं इसको लेकर कुछ खास नहीं कहना चाहता। मैं यह डिग्री ग्रहण करूंगा लेकिन अभी इसकी तारीख तय नहीं हो पाई है। भविष्य में जब इसकी तारीख तय हो जाएगी. मैं यह डिग्री जरूर ग्रहण करूंगा। अपने आगामी टूर्नामेंटों के लिए आनंद ने बताया कि उनके लिए अगले चार महीने बहुत व्यस्त हैं और इस दौरान उन्हें तीन बडे टूर्नामेंटों में हिस्सा लेना है जिनमें शतरंज के दिग्गज खिलाडी भाग लेंगे। विश्व में तीसरी रैंकिंग पर मौजूद और 2800 की ईएलओ रेटिंग रखने वाले आनंद ने कहा कि नौ से 15 अक्टूबर तक उन्हें स्पेन में बिलबाओ मास्टर्स फाइनल में हिस्सा लेना है जिसमें उनके साथ मैग्नस कार्लसन, एलेक्सी शिरोव और ब्लादिमीर क्रेमनिक होंगे। ये चार शीर्ष खिलाडी डबल राउंड रोबिन मुकाबले में एक-दूसरे से लोहा लेंगे। 40 वर्षीय आनंद इसके बाद आठ से 15 दिसंबर तक लंदन के ओलंपिया कॉम्प्लेक्स सेंटर में दूसरे लंदन शतरंज क्लासिक टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। इस टूर्नामेंट में आठ शीर्ष खिलाडी हिस्सा लेंगे। अनातोली कारपोव के 1984 के बाद से लंदन में किसी बडे टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले आनंद पहले मौजूदा विश्व चैंपियन बनेंगे। लंदन टूर्नामेंट में आनंद के साथ विश्व के नंबर एक खिलाडी कार्लसन, पूर्व विश्व चैंपियन क्रेमनिक, अमेरिका के नंबर एक हिकारु नाकामूरा और इंग्लैंड के चार शीर्ष खिलाडी माइकल एडम्स, नाइजेल शार्ट, ल्यूक मैकशेन और डेविड हावेल होंगे। विश्व चैंपियन इसके बाद 14 से 30 जनवरी तक विज्क आन जी में 73वें कोरस शतरंज टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। आनंद ने कहा कि इन बडे टूर्नामेंटों को देखते हुए अगले चार महीने निश्चित रूप से मेरे लिए बहुत व्यस्त हैं और इस दौरान मुझे कडी तैयारी के साथ दुनिया के दिग्गज शतरंज खिलाडियों के साथ खेलना होगा। आनंद ने साथ ही कहा कि अपने खेल में निरंतरता ही उनमें इस उम्र में भी खेल के प्रति पूरा जोश बनाए रखती है और वह इसी जोश के साथ बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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