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वाशिंगटन। अमेरिकावासियों ने राजनीतिक तथा वैचारिक सरोकारों से ऊपर उठते हुए एक ईसाई पादरी की आगामी 11 सितंबर को कुरान शरीफ की प्रतियां जलाने की योजना की एक सुर में निंदा की है। दूसरी ओर इस्लामी धार्मिक ग्रंथ का अपमान करने पर आमादा चर्च के पादरी टेरी जोंस ने अपने मंसूबे पर अमल करने का संकल्प लिया है।
पालिन का विरोध
रिपब्लिकन नेता और अलास्का की पूर्व गवर्नर सारा पालिन ने फेसबुक तथा ट्विटर पर अपनी पोस्टिंग में पादरी जोंस से अपनी विवादास्पद योजना छोडने की गुजारिश करते हुए कहा है कि उसका यह इरादा अनावश्यक उकसावे के समान है। पालिन ने पादरी से कहा कि इससे कडवाहट भरी बयानबाजी की आग भडकेगी और इससे तुच्छ भावना वाली धार्मिक असहिष्णुता के सिवा कुछ हासिल नहीं होगा। यह आग मत भडकाइए। किताब जलाना अमेरिकी आदर्शों के खिलाफ है। कुरान शरीफ की प्रतियां जलाना असंवेदनशीलता का परिचायक तो है ही , साथ ही इससे भावनाएं भी भडकेंगी, काफी हद तक वैसे ही जैसे कि ग्राउंड जीरो के नजदीक मस्जिद निर्माण के प्रस्ताव को लेकर भडकी हैं। उधर पादरी जोंस ने कहा है कि दुनिया में हो रहे विरोध के बावजूद वह कुरान शरीफ की प्रतियां जलाने की अपनी योजना को अंजाम देगा।
इस बीच विदेश मामलों से संबंधित सदन की समिति के अध्यक्ष हॉवर्ड बरमैन ने कहा कि पादरी की साजिश धार्मिक स्वतंत्रता तथा समानता के उन सिद्धांतों के प्रति उल्लंघनकारी है जिन पर देश की बुनियाद टिकी है। उन्होंने कहा कि वह मंसूबा किसी भी तरह से अमेरिकी मूल्यों का प्रतिनिधित्व नहीं करता। इस बीच अमेरिकी सैन्य मुख्यालय पेंटागन के प्रवक्ता कर्नल डेविड लापान ने भी कहा कि कुरान शरीफ की प्रतियां जलाने के गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति ऐसा करने के अधिकार पर सवाल नहीं उठा रहा है। हमारा सवाल यह है कि क्या सम्भावित परिणामों को देखते हुए ऐसा करना ठीक होगा।
दूसरी ओर न्यूयॉर्क के मेयर ब्लूमबर्ग ने कहा कि धार्मिक ग्रंथ की प्रतियां जलाने का मंसूबा तल्खी पैदा करने वाला है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि कोई व्यक्ति उस किताब को जलाया जाना पसंद नहीं करेगा जिसे वह पवित्र मानता हो।
विवादित कार्टूनिस्ट का बचाव , पादरी की निंदा
बर्लिन। जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने डेनमार्क के विवादास्पद कार्टूनिस्ट कुर्त वेस्टरगार्ड का बचाव करके एक नई सनसनी पैदा कर दी है। इस कार्टूनिस्ट ने मुहम्मद साहब के विवादास्पद कार्टून बना कर मुस्लिम जगत में आक्रोश पैदा कर दिया था। दूसरी ओर एंजेला ने अमेरिका में 9/11 की बरसी पर एक पादरी की कुरान जलाने की योजना की निंदा की है। एंजेला ने पत्रकार संगठन ‘एम-100’ के इस वर्ष के मीडिया पुरस्कार समारोह में अपने संबोधन में कहा कि एक कार्टूनिस्ट होने के नाते उसे ऐसे कार्टून बनाने की स्वतंत्रता है।
वहीं पादरी की योजना पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अपमानजनक और गलत कृत्य है। जर्मनी की चांसलर ने कहा कि यूरोप में ऐसे कार्टून बनाना संभव है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का राज साहस में ही छिपा है। उनके इस वक्तव्य की मुस्लिम संगठन और विपक्षी ग्रीन पार्टी भी आलोचना कर रही है। डेनमार्क के अखबार जिलांडास -पोस्टन में 30 सितंबर 2005 को मुहम्मद साहब के विवादास्पद कार्टून प्रकाशित हुए थे। इसके बाद पूरी दुनिया में कई स्थानों पर हिंसक संघर्ष हुआ था। एंजेला के इस वक्तव्य के बाद जर्मनी में सेंट्रल काउंसिल ऑफ मुस्लिम्स के प्रवक्ता ने कहा कि इससे देश के मुसलमानों के बीच गलत संदेश जाएगा। एक अन्य मुस्लिम नेता ने कहा कि एंजेला की टिप्पणी ‘आग में घी’ का काम करेगी। |