| | गूगल सर्च इंजन अब और पावरफुल | | | |
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कैलिफोनिर्या। गूगल ने अपने सर्च इंजन को और तेज बना दिया है। इसमें टाइपिंग शुरू करने के साथ ही शब्दों के विकल्प सामने आने लगते हैं। दो दिन तक गूगल लोगों पर रहस्य बनाए रखने के बाद बुधवार को इससे पर्दा हटा दिया गया।
इंन्सटैंट कॉफी की तर्ज पर इस नये तेज गूगल का नाम रखा गया है गूगल इन्सटैंट। लेकिन कॉफी बनने से पहले मांगी गई सूचना आफ कंप्यूटर पर होती है। इंटरनेट में मौजूद सूचनाओं के आधार पर मांगी गई जानकारी के बारे में विकल्प गूगल शब्द टाइप करने के साथ ही सुझाने लगता है। गूगल के वाइस प्रेसिडेंट मैरिसा मायर ने बताया , नया गूगल एक तरह से भविष्यवाणी करने की कोशिश करता है, ताकि जितनी जल्दी हो सके सूचना मांगने वाले तक पहुंचाई जा सके। तेज रिजल्ट देने के लिए वास्तव में एक तरह से मन को पकडने की कोशिश की जाती है।
गूगल इन्सटैंट को अमेरिका में शुरू कर दिया गया है और इसी हफ्ते ये ब्रिटेन , फ्रांस, जर्मनी, रूस के साथ अगले हफ्ते तीन दूसरे देशों में भी काम करना शुरू कर देगा। गूगल इन्सटैंट क्रोम, फायरफॉक्स, सफारी और इंटरनेट एक्सप्लोरर 8 के साथ काम करने में सक्षम है। मायर ने कहा कि गूगल इंस्टैंट सर्च की दुनिया में एक बडी छलांग है।
बदल जाएगी कंप्यूटर की परिभाषाः ब्रिन
गूगल के संस्थापकों में से एक सर्गेइ ब्रिन का कहना है कि अगले दशकों में गूगल और दूसरी कंपनियां जो कुछ लेकर आने वाली हैं उससे कंप्यूटर की परिभाषा ही बदल जाएगी। मजाक करते हुए ब्रिन ने कहा कि गूगल इससे कोशिश में है कि वो इंसान के दिमाग का तीसरा आधा हिस्सा बन जाए। अब तक तो दिमाग के दो ही हिस्से होते थ ,े लेकिन ये तीसरा हिस्सा गूगल होगा मतलब वो इस कदर इंसान की जिंदगी में बस जाएगा। गूगल ने अपने सर्च इंजन में ऐसी तकनीक डाली है कि ये टाइप किए जाने वाले अक्षरों से संभावित विषयों को पहचान लेगा।
इतना ही नहीं गूगल इंस्टैंट में अक्षरों को टाइप करने के बाद इंटर दबाने की भी जरूरत नहीं होगी। इन्सटैंट से पहले एक टर्म को पकडने में गूगल 9 सेकेंड का समय लेता था और कई बार तो ये समय 30-40 सेकेंड तक पहुंच जाता था। अब सर्च कम से कम 3 सेकेंड जल्दी पूरा हो जाएगा। इस समय एक अरब से ज्यादा लोग गूगल की सर्च इंजन का इस्तेमाल करते हैं। इसका मतलब है हर दिन हजारों घंटे के समय की बचत होगी। |
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