| | ईद से पहले घाटी से हटा कफ्र्यू | | | |
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श्रीनगर। ईद के पहले श्रीनगर सहित कुछ हिस्सों में गुरुवार को आवाजाही पर से अंकुश हटाने के बाद कश्मीर घाटी को कफ्र्यू मुक्त कर दिया गया और हिंसा के बाद स्थिति अब शांत है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि ईद उल फितर के मद्देनजर श्रीनगर शहर और दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग तथा बिजबेहरा के सभी भागों से कफ्र्यू उठा लिया गया है और समूची घाटी में शांति है। ईद पर्व के मद्देनजर हालात को सामान्य करने के लिए अलगाववादियों ने भी बंद रोकने का आह्वान किया है। नए चांद के दिखने पर ईद उल फितर शुक्रवार या शनिवार को मनाया जाएगा। कफ्र्यू हट जाने और अलगाववादियों द्वारा हडताल का आह्वान नहीं करने से श्रीनगर और घाटी के सभी प्रमुख शहरों में बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान फिर से खुल गए हैं। इसलिए लगता है कि इस वीडियो का उद्देश्य सुरक्षा बलों की छवि धूमिल करना तथा लोगों के बीच असंतोष का प्रसार करना था। यह अक्षम्य है।
वीडियो की प्रमाणिकता साबित नहीं : चिदबंरम
नई दिल्ली। कश्मीर में कथित तौर पर सुरक्षा बलों द्वारा चार निर्वस्त्र लोगों को झुंड में ले जाते दिखाए जाने वाली वीडियो क्लिपिंग के बारे में सरकार ने आज कहा कि इसकी ‘प्रमाणिकता’ अभी सिद्ध नहीं हुई है और संबंधित एजेंसियों से मामले की जांच करने को कहा गया है। केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं के सवालों के जवाब में गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि अभी तक कोई इस वीडियो क्लिपिंग की प्रमाणिकता साबित नहीं कर पाया है। इन दिनों इंटरनेट पर वीडियो दर्शाया जा रहा है जिसमें कथित रूप से कश्मीर के किसी इलाके में चार निर्वस्त्र लोगों को सुरक्षा बलों द्वारा कहीं ले जाते दिखाया गया है। चिदबंरम ने कहा कि उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से कहा है कि वह इस बात का पता लगाएं कि क्या वीडियो में दर्शाए गए लोगों में से किसी ने इस घटना के बारे में कुछ बताया है। उन्होंने कहा, जब तक वीडिय की प्रमाणिकता साबित नहीं होती और घटना की जगह तथा उसमें दर्शाए गए लोगों की पहचान नहीं होती, मुझे लगता है कि ऐसे किसी वीडियो की प्रमाणिकता पर विश्वास करना सही नहीं होगा।
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